केरल में इन दिनों ओणम के त्योहार की धूम है. जाति-धर्म, अमीरी-गरीबी सभी चीजों को भूलकर लोग हर्षोल्लास के साथ इस त्योहार को मना रहे हैं.

ओणम पर लंच में ‘ओणम साध्या’ थाली तैयारी की जाती है. यह पारंपरिक शाकाहारी थाली है, जिसमें 26 तरह के व्यंजन शामिल होते हैं.

केरल के सभी घरों में लोग साध्या का सेवन करते हैं. इसे तभी पूरा माना जाता है जब इन सभी व्यंजनों को केले के पत्ते पर सजाकर परोसा जाता है और इसे जमीन पर बैठकर हाथ से खाया जाता है.

दोपहर के इस भोजन में कई लजीज पकवान शामिल होते हैं जैसे चिप्स, पापड़, सब्जियों से बने कई तरह के व्यंजन, मीठे और खट्टे अचार, अवियल, सांभर, दाल और उसके साथ थोड़ा सा घी, रसम, दो अलग-अलग तरह के छाछ, चटनी, पायसम इत्यादि.

लोग पारंपरिक परिधानों को पहनकर साध्या थाली का सेवन करते हैं.

बुजुर्गों का कहना है कि आज के जमाने में इस त्योहार में कई तरह के बदलाव आए हैं. पहले के जमाने में इसकी तैयारी घरों में एक महीने पहले से ही शुरू हो जाती थी, उन दिनों साध्या थाली के लिए अचार वगैरह को बनाना पहले से ही प्रारंभ कर देते थे.

82 वर्षीय सेवानिवृत्त शिक्षिका गीता नामपुथिरी ने कहा, “वह वक्त अब चला गया है और मुझे नहीं लगता कि इन सब चीजों के लिए अभी लोगों के पास उतना समय है. आज की इस भागती दुनिया में सभी चीजें आपके पास उपलब्ध हैं. एक कॉल कीजिए और 30 मिनट में आपके घर पर ओणम साध्या डिलीवर हो जाएगा.”