आजकल महिलाओं में ओवेरियन कैंसर के मामले ज्यादा बढ़ रहे हैं. ब्रेस्ट कैंसर के बाद यह दूसरा कैंसर है जो महिलाओं में बेहद आम है. । इसके ज्यादातर लक्षण ऐसे हैं जिनका आखिरी स्टेज तक भी पता नहीं चल पाता. इसलिए ओवेरियन कैंसर के मामले में और भी सजग और ध्यानपूर्वक रहने की जरूरत है. ओवेरियन कैंसर में लक्षणों का पता लगने में भले ही देर लग जाती हो, लेकिन इसका इलाज नामुमकिन नहीं है.Also Read - ALERT: महिलाएं सेहत को लेकर रहें एलर्ट, इस बदलाव से होते हैं दो तरह के Cancer

ओवेरियन कैंसर अनुवांशिक भी हो सकता है, अगर आपके परिवार में किसी को हो चुका है तो हो सकता है आप भी इसके शिकार हो जाए. ऐसे में आपको अपने स्वास्थ का ध्यान रखते हुए इन बातों का ध्यान रखना है ताकि अगर आपको किसी तरह की परेशानी हो तो आप तुंरत डॉक्टर के पास जा सकें. Also Read - CANCER: इन 15 प्रॉब्लम्स को इग्नोर ना करें महिलाएं, होते हैं कैंसर के आरंभिक लक्षण...

जानें क्या है ओवेरियन कैंसर?
ओवेरियन यानी यूटेरस कैंसर में यूटेरस यानी अंडाशय कैंसर में ओवरी में छोटे-छोटे सिस्ट बन जाती हैं. इसके होने के बाद गर्भधारण करने में महिलाओं को समस्या आती है साथ ही गर्भाशय और ट्यूब्स डैमेज होने लगती हैं. सबसे आम तरह के डिंबग्रंथि कैंसर को एपिथेलियल ओवेरियन कैंसर (ईओसी) कहा जाता है. इसके अन्य प्रकार हैं- ओवेरियन लो मैलिगनेंट पोटेंशियल ट्यूमर (ओएलएमपीटी), जर्म सेल ट्यूमर और सेक्स कॉर्ड-स्ट्रोमल ट्यूमर. Also Read - Black tea, citrus fruits reduce the risks of ovarian cancer

क्या है इसके लक्षण-
1. ब्लोटिंग
पेट फूलना तो आजकल आम हो गया है, बदलते खान-पानी की वजह से भी लोगों में ये समस्या देखने को मिलती है. लेकिन अगर आपका पेट हमेशा फूला रहे तो आपके तुरंत डॉक्टर के पास जाने की जरुरत है, इसे नजरअंदाज ना करें क्योंकि ये ओवेरियन कैंसर हो सकता है.

2. कम खाने पर भी पेट जल्दी भरना
कई बार लोग थोड़ा सा खाना खाकर कहते हैं कि उनका पेट भर गया है, हालांकि ऐसा बदलते मौसम औऱ कम भूख लगने की वजह हो सकता है. लेकिन यह ओवेरियन कैंसर को दावत देने वाला लक्षण भी हो सकता है। इसलिए अगर थोड़ा-बहुत खाने पर ही आपको ऐसा लगे कि आप अब और नहीं खा सकते और पेट भर गया है तो टेस्ट कराएं.

3. टॉइलट
टॉइलट जाते वक्त जलन होने के लक्षण को यूटीआई से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन ऐसा नहीं है. अगर टॉइलट जाते वक्त ब्लैडर में दर्द महसूस हो या प्रेशर का अहसास हो, बार-बार टॉइलट जाना पड़ रहा हो तो यह ओवेरियन कैंसर का संकेत हो सकता है.

4. गर्भनिरोधक गोलियां
गर्भनिरोधक गोलियों का आपके हार्मोन को नियंत्रित करने से लेकर अनचाहे गर्भधारण को रोकने तक कई फायदे है, लेकिन इनके अलावा, गर्भनिरोधक गोलियां कैंसर की शुरुआत को रोकने में प्रभावी पाई गई हैं.

ओवेरियन कैंसर के टेस्ट
अगर किसी महिला को इसके लक्षण न दिखें तो इसका कोई सिंपल और विश्वसनीय तरीका नहीं है. हालांकि, नियमित रूप से स्त्री रोग संबंधी परीक्षा के दौरान डिम्बग्रंथि के कैंसर के स्क्रीनिंग के 2 तरीके हैं. पहला ब्लड टेस्ट के द्वारा और दूसरा ओवरी का अल्ट्रासाउंड करके. इस कैंसर को कीमोथेरेपी या फिर ओवरी की सर्जरी करके निजात पाया जा सकता है.