अगर आपको कमर और कूल्‍हे में लंबे समय तक दर्द बना रहता हो तो आप एक गंभीर बीमारी से ग्रस्‍त हो सकते हैं. ये बीमारी ऐसी है जो आगे जाकर काफी परेशान कर सकती है.

इसका नाम है एंकिलोजिंग स्पॉन्डिलाइटिस. ये एक इंफ्लेमेटरी और ऑटोइम्यून बीमारी है. ये मुख्य रूप से रीढ़ की हड्डी को प्रभावित करती है और इसके परिणामस्वरूप कमर, पेल्विस और नितंबों में दर्द होता है.

कुछ समय पहले एक शोध हुआ था. जिसमें चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए थे. शोध के अनुसार, इस बीमारी की पहचान होने में आमतौर पर औसतन 7 से 10 साल की देरी होती है. इस बीमारी के शुरुआती चरण में, मरीज को अक्सर कमर दर्द की शिकायत रहती है और इससे बीमारी का पता लगने में देरी होती है. कई बार मरीजों को इस बारे में पता नहीं होता है. विशेषज्ञों का कहना है कि रीढ़ की हड्डियों के दर्द की शिकायत होने पर रूमेटोलॉजिस्ट की सलाह लेनी चाहिए.

इस बीमारी में विशेषज्ञ एनएसएआईडी (नॉन स्टेरॉयडल एंटी-इंफ्लेमेंटरी दवाएं) लेने की सलाह दे सकते हैं. इसके बाद रोग में सुधार वाली दवाएं या टीएनएफ ब्लॉकर्स जैसी बायोलॉजिक्स दे सकते हैं.

मुंबई स्थित क्वेस्ट क्लीनिक के चिकित्सक डॉ. सुशांत शिंदे ने कहा, ‘रूमेटोलॉजिस्ट एंकिलोजिंग स्पॉन्डिलाइटिस से पीड़ित लोगों के इलाज के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित होता है. इसलिए रूमेटोलॉजिस्ट की सलाह जरूर लेनी चाहिए’.

नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एम्स) के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. दानवीर भादू ने कहा, ‘एंकिलोजिंग स्पॉन्डिलाइटिस से शरीर में कमजोरी आती है. बायोलॉजिक थेरेपी से शरीर की संरचनात्मक प्रक्रिया में नुकसान को कम किया जा सकता है. इससे और मरीजों को चलने-फिरने होने वाली तकलीफ से निजात मिल सकती है’.

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क्‍या करें क्‍या नहीं

– सुबह के समय कमर, पेल्विस तथा नितंबों का सख्त हो जाना इस रोग के मुख्य लक्षण हैं, लेकिन सही तरीके से व्यायाम करने से आराम मिल सकता है. व्यायाम शुरू करने से पहले फिजियोथेरेपिस्ट की सलाह लाभदायक हो सकता है.

– पीठ के बल सख्त गद्दे पर सोने से भी लाभ मिल सकता है. घुटनों या सिर के तकिया नहीं लेना चाहिए.

– चिकित्सकों के अनुसार, गुनगुने पानी से नहाने से एंकिलोजिंग स्पॉन्डिलाइटिस के दर्द और कड़कपन में काफी राहत मिलने में मदद मिलती है. गुनगुने पानी से स्नान के बाद स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करना दर्द और कड़कपन को दूर करने के लिए अच्छा होता है. दर्द से राहत पाने का अन्य प्राकृतिक तरीका है – दर्द वाले स्थान और शरीर के हिस्सों पर हॉट और कोल्ड सिकाई.

– मसाज करवाने से भी आराम मिलता है. एक्यूपंचर थेरेपी से शरीर के दर्द से राहत दिलाने वाले हॉर्मोन्स सक्रिय हो जाते हैं. हालांकि, मसाज थेरेपी के लिए फिजियोथेरेपिस्ट की सलाह लेना जरूरी है.

– चिकित्सकों का कहना है कि धूम्रपान करने वालों को, खासतौर से पुरुषों को इस बीमारी का खतरा ज्यादा होता है. धू्म्रपान बंद करने से सेहत में सुधार होता है.
(एजेंसी से इनपुट)

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