नई दिल्ली: बचपन एक ऐसी उम्र होती है जो हर बच्चे के लिए काफी खास होती है. बच्चे कई प्रकार के होते हैं कुछ काफी शरारती होते हैं तो कुछ काफी शांत स्वभाव के होते हैं. शरारती बच्चों को बोलने की काफी आदत होती है और वह बातचीत में अपनी मन की बाते भी बोल जाते हैं. लेकिन वहीं, अगर शांत स्वभाव के बच्चों की बात करें तो यह काफी चुप रहते हैं और अपने दिल की बात करने में भी काफी कतराते हैं. अगर आपका बच्चा भी शर्मिला है तो हम आपको कुछ टिप्स बताने जा रहे हैं जिससे वह खुलकर आपसे बात कर सकेंगे. Also Read - Hygiene Tips: बच्चों को सिखाएं हाइजीन से जुड़ी ये अच्छी आदतें, नहीं पड़ेंगे बीमार

बच्चे को बार-बार शर्मिला ना कहें- बच्चा शर्मीला है और आप भी उसे मेहमानों के सामने शर्मीला कहने की गलती ना करें. अपने बच्चे को दूसरों के सामने शाई कहने से बचें, क्योंकि ऐसे में वह खुद को नेगेटिव जज करेगा. Also Read - Parenting Tips: सर्दियों में रखें बच्चों का मेटाबॉलिज्म स्ट्रॉन्ग, इन फूड्स को करें डाइट में शामिल

विश्वास दिलाएं- शर्मीले बच्चों के मन में यह विश्वास कायम करें कि वह अन्य बच्चों की तरह सामान्य हैं और उनमें किसी तरह की कमी नहीं है. ऐसे बच्चों को रंग-भेद और बॉडी को लेकर नीचा ना दिखाएं. Also Read - Parenting Tips: सर्दियों के मौसम में बच्चों को कभी ना खिलाएं ये चीजें, हो सकता है खतरनाक

बच्चों से बात करें- शर्मीले बच्चे बात करने के भी कच्चे और इमोशनल ज्यादा होते हैं. उनसे ज्यादा से ज्यादा बात करने की कोशिश करें. जिनसे उनमें अन्य लोगों से भी बात करने का कॉन्फिडेंस जागेगा.

उन्हें डराए नहीं- अधिकतर पैरेंट्स अपने शाई बच्चों को एक्टिव करने के लिए डराने का सहारा लेते हैं. वे बच्चों को काम न करने और भी कई बातों के लिए मारने-पीटने की सजा की बात से डराते हैं जो गलत है.

उनकी बातों को महत्व दें- बच्चा अगर शर्मीला है तो उसकी बात को ध्यान से सुन उनको रिस्पॉन्स जरूर करें. इससे बच्चें में बात करने की और इच्छा जागेगी.