अक्‍सर महिलाओं को पेट के निचले हिस्‍से में दर्द की शिकायत रहती है. कई बार ये दर्द इ‍तना परेशान करता है कि वे कुछ काम ही नहीं कर पातीं. अगर लंबे समय तक इस दर्द को इग्‍नोर किया जाए तो इससे गंभीर परिस्थितियां उत्‍पन्‍न हो सकती हैं.

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क्‍यों होता है दर्द
डॉक्‍टर्स कहते हैं कि इस दर्द की वजहों में से एक है Pelvic congestion syndrome (PCS). अगर आपको दर्द की समस्या 6 माह से ज्यादा समय तक रहती है तो यह पेल्विक कंजेशन सिंड्रोम यानी PCS हो सकता है.
शायद आपको जानकर हैरानी हो पर कुछ समय पहले एक शोध में पता चला था कि भारत की हर तीसरी महिला इस समस्या की शिकार है. पर वे इससे अनजान होती हैं.

क्‍या होते हैं लक्षण
-पेट के निचले हिस्‍से में भारीपन या दबाव महसूस होता है.
– पेट के नीचे के हिस्से में मरोड़ अथवा दर्द महसूस होता है.
– ज्यादा समय तक खड़े होने या बैठने में दर्द महसूस होना.
– शारारिक संबंध बनाते समय दर्द महसूस होता है.
-यूरीन के समय दर्द का महसूस होना.

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बीमारी का कारण
गर्भावस्था के दौरान हार्मोन संबंधी बदलावों, वजन बढ़ने और पेल्विक क्षेत्र की अनैटमी में परिवर्तन आने से अंडाशय की शिराओं में दबाव बढ़ता है. जिससे शिराओं की दीवार कमजोर हो जाती है. फिर वो सामान्य से अधिक फैल जाती हैं. जब अंडाशय की शिराएं फैल जाती हैं, तो वॉल्व पूरी तरह से बंद नहीं होता, जिससे रक्त वापस बहकर शिराओं में आ जाता है. इसे रीफ्लेक्स कहते हैं. इसके चलते पेल्विक एरिया में ब्लड की मात्रा बढ़ जाती है. PCS बेली बटन के नीचे और दोनों नितंबों के बीच होता है और छह महीने से अधिक समय तक रहता है.

ईलाज क्‍या है
नॉन-सर्जिकल प्रक्रिया से इसका ट्रीटमेंट किया जाता है. इसमें जिन शिराओं में खराबी आ जाती है, उन्हें बंद कर दिया जाता है ताकि उनमें रक्त जमा न हो सके. इसमें अस्पताल में रुकने की जरूरत नहीं होती.

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