दमघोंटू प्रदूषण आज हर किसी के लिए चिंता का विषय है. बच्चे हो या बुजुर्ग, हर कोई इससे परेशान है. ज्यादा चिंता इससे सेहत पर होने वाले असर की है. Also Read - SC ने यमुना नदी में प्रदूषण पर लिया संज्ञान, हरियाणा सरकार से जवाब- तलब किया

पिछले कुछ समय में महानगरों में प्रदूषण स्तर बढ़ा है. इसकी वजह से स्ट्रोक के मामले भी बढ़े हैं. ये बात विशेषज्ञों ने कही है. न्यूरोलोजिस्ट डॉ. पी.एन. रंजन कहते हैं कि इस समस्या के समाधान में वैस्कुलर न्यूरोलॉजी की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है. Also Read - Delhi NCR Pollution: दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में बढ़ा प्रदूषण, NCR का यह शहर सबसे ज्यादा प्रदूषित

डॉक्टर ने कहा, ‘शहरीकरण बढ़ने के साथ दिल्ली जैसे शहरों में प्रदूषण भी बढ़ रहा है, जिसके कारण स्ट्रोक के मामलों की संख्या बढ़ रही है. इस समस्या के समाधान के लिए वैस्कुलर न्यूरोलॉजी महत्वपूर्ण है’. Also Read - Tips: बाहर से भी ज्यादा जहरीली हो सकती है आपके घर की हवा, इन गलतियों को तुरंत सुधारे

Air Pollution

अपोलो अस्पताल की ओर से आयोजित सेमिनार में जाने-माने न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. रंजन ने ये बातें कहीं. सेमिनार में अमेरिका सहित पांच देशों से 250 प्रतिनिधि शामिल हुए थे.

शहरी क्षेत्रों में स्ट्रोक के लगातर बढ़ते मामलों को देखते हुए इस साल का सेमिनार विशेष रूप से महत्वपूर्ण था.

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इस साल सेमिनार में वेस्कुलर न्यूरोलॉजी के आधुनिक तकनीकों पर रौशनी डाली गई. कुछ डॉक्टरों ने हाल ही में अपने द्वारा किए गए शोध और विशेष मामलों पर अपने दस्तावेज भी प्रस्तुत किए.

11वें संस्करण में सेमिनार को कई सत्रों में बांटा गया था, जिसमें वैस्कुलर न्यूरोलॉजी से जुड़ी मौजूदा अवधारणाओं पर ध्यान केन्द्रित किया गया.
(एजेंसी से इनपुट)