दमघोंटू प्रदूषण आज हर किसी के लिए चिंता का विषय है. बच्चे हो या बुजुर्ग, हर कोई इससे परेशान है. ज्यादा चिंता इससे सेहत पर होने वाले असर की है. Also Read - Delhi Air Pollution: दिल्ली में फिर खराब स्तर पर पहुंची वायु की गुणवत्ता, जानें क्या है आज का AQI

पिछले कुछ समय में महानगरों में प्रदूषण स्तर बढ़ा है. इसकी वजह से स्ट्रोक के मामले भी बढ़े हैं. ये बात विशेषज्ञों ने कही है. न्यूरोलोजिस्ट डॉ. पी.एन. रंजन कहते हैं कि इस समस्या के समाधान में वैस्कुलर न्यूरोलॉजी की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है. Also Read - Latest Weather Report: जम्मू-कश्मीर, हिमाचल में बर्फबारी से उत्तर भारत में बढ़ी ठिठुरन, तमिलनाडु, आंध्र में ‘निवार’ का खतरा

डॉक्टर ने कहा, ‘शहरीकरण बढ़ने के साथ दिल्ली जैसे शहरों में प्रदूषण भी बढ़ रहा है, जिसके कारण स्ट्रोक के मामलों की संख्या बढ़ रही है. इस समस्या के समाधान के लिए वैस्कुलर न्यूरोलॉजी महत्वपूर्ण है’. Also Read - Weather Latest News: उत्तर भारत के अधिकतर हिस्सों में पारा गिरा, अगले दो दिनों में भारी बर्फबारी की संभावना

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अपोलो अस्पताल की ओर से आयोजित सेमिनार में जाने-माने न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. रंजन ने ये बातें कहीं. सेमिनार में अमेरिका सहित पांच देशों से 250 प्रतिनिधि शामिल हुए थे.

शहरी क्षेत्रों में स्ट्रोक के लगातर बढ़ते मामलों को देखते हुए इस साल का सेमिनार विशेष रूप से महत्वपूर्ण था.

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इस साल सेमिनार में वेस्कुलर न्यूरोलॉजी के आधुनिक तकनीकों पर रौशनी डाली गई. कुछ डॉक्टरों ने हाल ही में अपने द्वारा किए गए शोध और विशेष मामलों पर अपने दस्तावेज भी प्रस्तुत किए.

11वें संस्करण में सेमिनार को कई सत्रों में बांटा गया था, जिसमें वैस्कुलर न्यूरोलॉजी से जुड़ी मौजूदा अवधारणाओं पर ध्यान केन्द्रित किया गया.
(एजेंसी से इनपुट)