नई दिल्‍ली: पुरानी मान्‍यता के अनसार राम नवमी के दिन भगवान राम का जन्‍म हुआ था. इस दिन भक्‍त धन, स्‍वास्‍थ्‍य और सम्‍मान के लिए भगवान राम और सीता माता की पूजा करते हैं. कुछ लोग इस दिन व्रत रखते हैं तो कुछ तरह तरह के पकवान चढ़ाकर श्रीराम को प्रसन्‍न करने का प्रयास करते हैं.

हालांकि दक्ष‍िण भारत में राम नवमी को भगवान राम और माता सीता के विवाह दिवस के रूप में मनाया जाता है. यह भी माना जाता है कि श्री राम ने आज ही के दिन रावण का वध किया था और इस तरह बुराई पर अच्‍छाई और सच्‍चाई की जीत हुई थी.

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इस दिन व्रत रखने से मन शुद्ध होता है और सभी पाप नष्‍ट हो जाते हैं. इस दिन जातक रामायण कथा सुनते हैं और मंदिर जाकर भगवान राम के दर्शन करते हैं. दक्ष‍िण भारत में यह नौ दिनों का त्‍योहार होता है. नौ दिनों तक रामायण का पाठ होता है.

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समय और तारीख
इस बार राम नवमी रविवार यानी कि 25 मार्च को मनाई जाएगी. यह रविवार से शुरू होकर 26 मार्च सोमवार की सुबह तक चलेगी. राम नवमी के दिन पूजा के लिए सबसे शुभ मुहूर्त इस प्रकार है…

राम नवमी तिथि की शुरुआत: रविवार सुबह 08:02 बजे से शुरू हो रही है राम नवमी की तिथि.
राम नवमी पूजा का शुभ समय: 25 मार्च रविवार को सुबह 11:32 बजे से लेकर दोप‍हर 1:57 बजे तक राम नवमी पूजन का शुभ मुहूर्त होगा.

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पूजन विधि

सबसे पहले सुबह उठकर नहाधो कर श्रीराम नवमी के दिन घर के उत्तर भाग में एक सुंदर मंडप बनाएं. उस मंडप के बीच में एक वेदी बनाएं और उसमे भगवान श्रीरामचंद्र के साथ माता सीता को स्थापित करें. श्रीराम व माता सीता की पंचोपचार(गंध, चावल, फूल, धूप, दीप) से पूजन करें.