नई दिल्ली: रमजान का महीना शुरू हुए काफी दिन बीत गए हैं. रमजान के महीने में खजूर काफी महत्वपूर्ण होता है. रमजान में सहरी और इफ्तार में खजूर खाया जाता है. खजूर स्वास्थ्य के लिए काफी अत्यधिक पौष्टिक होते हैं.Also Read - Dates Benefits: ऐसे समय में महिलाओं के लिए काफी फायदेमंद साबित होता है खजूर, जान लें इसके फायदे

इस्लाम से संबंध
7 वीं शताब्दी में पैदा हुए इस्लाम ने खजूर के महत्व पर प्रकाश डाला, प्राचीन अरब में 4000 ईसा पूर्व तक पता लगाया जा सकता है, इस्लाम ने किसी अन्य धर्म की तुलना में खजूर और खजूर प्लाम की पवित्रता पर जोर दिया. पैगंबर मोहम्मद ने कहा कि सऊदी अरब के मदीना क्षेत्र में पैदा होने वाले अजवा खजूर स्वर्ग से हैं. Also Read - Ramadan 2021: रमजान के आखिरी जुम्मे, Eid al-Fitr पर सामूहिक नमाज नहीं, ये हैं दिशानिर्देश

खजूर के फायदे Also Read - Ramadan 2021 Last Friday: रमजान के आखिरी शुक्रवार के लिए एडवाइजरी जारी, जानें हर बात

खजूर अत्यधिक पौष्टिक होते हैं और सूखे खजूर में ताजे खजूर की तुलना में कैलोरी की मात्रा अधिक होती है. इसमें कार्ब्स, फाइबर, प्रोटीन, पोटेशियम, मैग्नीशियम, कॉपर, मैंगनीज, आयरन और विटामिन बी 6 होता है. एक खजूर में केले की तुलना में प्रति वजन अधिक पोटेशियम होता है. अधिक मीठे होने कि वजह से खजूर से नेचुरल कैंडी भी बनाई जाती है.

खजूर में एंटीऑक्सीडेंट की मात्रा अधिक होती है, जिससे कई बीमारियों का खतरा कम होता है. खजूर में तीन शक्तिशाली एंटीऑक्सिडेंट फ्लेवोनोइड्स, कैरोटेनॉइड्स और फेनोलिक एसिड होते है.

फ्रुक्टोज खजूर का एक बड़ा स्रोत है जो सफेद चीनी के लिए एक अच्छा स्वस्थ विकल्प है.

खजूर को असानी से आहार में जोड़ा जा सकता है. खजूर हड्डी को स्वस्थ रखता है और रक्त शर्करा विनियमन में मदद करने की क्षमता रखता है.