Ramayana Cruise Sewa: अयोध्या में भगवान राम के जन्म स्थान पर पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार जल्द ही इस पवित्र शहर में सरयू नदी पर ‘रामायण क्रूज टूर’ सेवा शुरू करेगी. Also Read - राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने राम मंदिर के लिए दिए 5 लाख रुपए, दान देने वाले पहले भारतीय बने, VHP बोली...

क्रूज सेवा के कार्यान्वयन के लिए मंगलवार को एक बैठक में केंद्रीय जहाजरानी, जलमार्ग राज्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने परियोजना की समीक्षा की. Also Read - राम मंदिर ट्रस्ट के बैंक खाते से निकाले गए 6 लाख रुपये, चार आरोपी गिरफ्तार

मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, “अयोध्या के सरयू नदी में पहली बार लक्जरी क्रूज सेवा होगी. इसका उद्देश्य पवित्र नदी के प्रसिद्ध घाटों के माध्यम से भक्तों को एक तरह की आध्यात्मिक यात्रा के साथ एक शानदार अनुभव प्रदान करना है.” Also Read - अयोध्या में छात्रों ने छात्र संघ चुनाव के लिए 'लेकर रहेंगे आजादी' के नारे लगाए, राष्ट्रद्रोह का मुकदमा हुआ

क्रूज वैश्विक मानकों के साथ सभी लग्जरी सुविधाओं के साथ-साथ आवश्यक सुरक्षा और सुरक्षा सुविधाओं से सुसज्जित होगा. क्रूज के अंदरूनी हिस्से और बोर्डिग प्वाइंट रामचरितमानस की थीम पर आधारित होंगे.

पूरी तरह से वातानुकूलित 80-सीटर क्रूज में घाटों की प्राकृतिक सुंदरता का अनुभव करने के लिए कांच की बड़ी खिड़कियां होंगी. क्रूज रसोई और पेंट्री सुविधाओं से सुसज्जित होगा. इसमें जैव शौचालय और पर्यावरण पर ‘शून्य प्रभाव’ के लिए एक हाइब्रिड इंजन प्रणाली होगी.

यूपी पर्यटन आंकड़ों के अनुसार, हर साल लगभग 2 करोड़ पर्यटक अयोध्या आते हैं. राम मंदिर के पूरा होने के बाद, यह माना जा रहा है कि पर्यटकों की आमद और बढ़ जाएगी.

‘रामायण क्रूज टूर’ न केवल बड़ी संख्या में पर्यटकों को आकर्षित करेगा, बल्कि यह क्षेत्र में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर भी पैदा करेगा.
(एजेंसी से इनपुट)