अगर चश्मा ना लगा हो और पढ़ने में दिक्कत आने लगे तो कोई भी परेशान हो सकता है. ये ऐसी समस्या है जिससे कई लोग परेशान होते हैं. अब डॉक्टर्स ने इस समस्या का कारण ढूंढ़ निकाला है.

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डॉक्टर्स ने कहा है कि अगर आंखें रूखी हों, तो पढ़ने की रफ्तार घट जाती है. आंखों का रूखापन एक बीमारी है, जिसमें आंखों से पर्याप्त मात्रा में आंसू नहीं निकलते. इसे ड्राई आई सिंड्रोम कहते हैं. इससे आंखों का कार्य काफी प्रभावित होता है.

Eyes

इस सिंड्रोम पर शोध करने वाले शोधार्थी बताते हैं कि क्रोनिक ड्राई आई (आंखों के रूखेपन की बीमारी) से पीड़ित लोगों में पढ़ने की गति कम होती है.

शोध में पाया गया कि इस रोग से पीड़ित लोगों में पढ़ने की गति सामान्य से 10 फीसदी कम होती है. साथ ही, इससे औसतन 30 मिनट से अधिक समय तक पढ़ने में कठिनाई हो सकती है. नैदानिक रूप से जिनकी आंखें अधिक रूखी पाई जाती हैं उनमें प्रति मिनट 32 शब्द कम पढ़ने की क्षमता होती है, जबकि रोग से रहित लोग प्रति मिनट 272 शब्द पढ़ सकते हैं.

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अमेरिका के जॉन्स हॉकिंस विल्मर आई इंस्टीट्यूट के एसेन एकपेक ने कहा, ‘आंखों में रूखेपन की वजह से लोग लंबे समय तक पढ़ने में असमर्थ होते हैं क्योंकि उनकी आंखों में पर्याप्त आंसू नहीं निकलने से आंखें गीली नहीं हो पाती हैं. ऐसा हमारा अनुमान है’.

यह शोध ऑप्टोमेट्री एंड विजन साइंस नामक जर्नल में प्रकाशित हुआ है. शोध में 50 वर्ष या उससे अधिक उम्र के 186 लोगों को शामिल किया गया था.
(एजेंसी से इनपुट)

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