Republic day 2019: आज देशभर में 26 जनवरी की धूम मची हुई है. जगह-जगह झांकियां निकली और तिरंगा फहराया गया. देश की आन-बान और शान का प्रतीका तिरंगा झंडा देखकर हर कोई सलाम करता है. हमारे तिरंगे झंडे में शामिल तीन रंग हमें एक संदेश देते हैं. आइए जानते हैं तिरंगे के बारे में वो बातें जिनसे आप अंजान होंगे.

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तिरंगा झंडा
किसी भी स्‍वतंत्र राष्‍ट्र का अपना एक ध्‍वज होता है. ध्वज एक स्‍वतंत्र देश होने का संकेत है. भारतीय राष्‍ट्रीय ध्‍वज में तीन रंग की क्षैतिज पट्टियां हैं, सबसे ऊपर केसरिया, बीच में सफेद ओर नीचे गहरे हरे रंग की प‍ट्टी और ये तीनों समानुपात में हैं. ध्‍वज की चौड़ाई का अनुपात इसकी लंबाई के साथ 2 और 3 का है. सफेद पट्टी के मध्‍य में गहरे नीले रंग का एक चक्र है. यह चक्र अशोक की राजधानी के सारनाथ के शेर के स्‍तंभ पर बना हुआ है. इसका व्‍यास लगभग सफेद पट्टी की चौड़ाई के बराबर होता है और इसमें 24 तीलियां है.

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ध्‍वज के रंग
भारत के राष्‍ट्रीय ध्‍वज की ऊपरी पट्टी में केसरिया रंग है जो देश की शक्ति और साहस को दर्शाता है. बीच में स्थित सफेद पट्टी धर्म चक्र के साथ शांति और सत्‍य का प्रतीक है. निचली हरी पट्टी उर्वरता, वृद्धि और भूमि की पवित्रता को दर्शाती है.

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चक्र
इस धर्म चक्र को विधि का चक्र कहते हैं जो तीसरी शताब्‍दी ईसा पूर्व मौर्य सम्राट अशोक द्वारा बनाए गए सारनाथ मंदिर से लिया गया है. इस चक्र को प्रदर्शित करने का आशय यह है कि जीवन गति‍शील है और रुकने का अर्थ मृत्‍यु है.

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ध्‍वज संहिता
26 जनवरी 2002 को भारतीय ध्‍वज संहिता में संशोधन किया गया और स्‍वतंत्रता के कई वर्ष बाद भारत के नागरिकों को अपने घरों, कार्यालयों और फैक्‍ट‍री में न केवल राष्‍ट्रीय दिवसों पर, बल्कि किसी भी दिन बिना किसी रुकावट के फहराने की अनुमति मिल गई. अब भारतीय नागरिक राष्‍ट्रीय झंडे को शान से कहीं भी और किसी भी समय फहरा सकते है. बशर्ते कि वे ध्‍वज की संहिता का कठोरता पूर्वक पालन करें और तिरंगे की शान में कोई कमी न आने दें.

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इस दिन राष्‍ट्रीय ध्‍वज के रूप में अपनाया
बता दें कि भारतीय राष्‍ट्रीय ध्‍वज की अभिकल्‍पना पिंगली वैंकैयानन्‍द ने की थी और इसे इसके वर्तमान स्‍वरूप में देश की आजादी के कुछ दिन पहले 22 जुलाई 1947 को आयोजित की गई भारतीय संविधान सभा की बैठक के दौरान अपनाया गया था. इसे 15 अगस्‍त 1947 और 26 जनवरी 1950 के बीच भारत के राष्‍ट्रीय ध्‍वज के रूप में अपनाया गया और इसके पश्‍चात भारतीय गणतंत्र ने इसे अपनाया.