Republic Day 2020 पर हर साल राजपथ पर परेड निकलती है. इसमें शामिल होने पूरे देश से लोग पहुंचते हैं. Also Read - Independence Day 2020: 15 अगस्त और 26 जनवरी को झंडा फहराने में ये है अंतर, जानें इसका कारण

पर क्‍या आप जानते हैं कि देश की पहली गणतंत्र दिवस परेड कैसी थी. उस समय क्‍या नजारा था. Also Read - बीटिंग रिट्रीट: सशस्त्र बलों के बैंडों की 26 प्रस्तुतियों के साथ गणतंत्र दिवस समारोह संपन्न, देखें Video

सबसे पहले तो ये जान लीजिए कि पहली गणतंत्र दिवस परेड राजपथ पर नहीं निकली थी. 26 जनवरी 1950 को पहली गणतंत्र दिवस परेड राजपथ में नहीं बल्कि इर्विन स्टेडियम में हुई थी. Also Read - दिल्ली अग्निशमन सेवा के प्रमुख समेत 11 कर्मियों को गणतंत्र दिवस पर वीरता पुरस्कार

Republic Day 2020: जानिए 26 जनवरी और 15 अगस्त को झंडा फहराने में क्या है अंतर?

 

 

Republic Day 2020: 26 जनवरी को क्‍यों मनाया जाता है गणतंत्र दिवस, जानें इस दिन से जुड़ी अहम बातें

 

1954 तक दिल्ली में गणतंत्र दिवस परेड इर्विन स्टेडियम में ही होती रही. इसके बाद किंग्सवे कैंप, लाल किला और फिर रामलीला मैदान में भी आयोजित होती थी. उसके बाद 1955 में पहली बार राजपथ पर परेड का आयोजन हुआ और फिर यह सिलसिला आज तक बदस्तूर जारी है.

गणतंत्र दिवस

गणतंत्र दिवस, 26 जनवरी को मनाया जाता है. 1950 में 26 जनवरी के दिन ही भारत सरकार अधिनियम (एक्ट) (1935) को हटाकर भारत का संविधान लागू किया गया था. 26 जनवरी 1950 को सुबह 10.18 बजे भारत एक गणतंत्र बना. इसके छह मिनट बाद 10.24 बजे राजेंद्र प्रसाद ने भारत के पहले राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली थी.

इस दिन पहली बार बतौर राष्ट्रपति डॉक्‍टर राजेंद्र प्रसाद बग्गी पर बैठकर राष्ट्रपति भवन से निकले थे. इस दिन पहली बार उन्होंने भारतीय सैन्य बल की सलामी ली थी. पहली बार उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया था.

एक स्वतंत्र गणराज्य बनने के लिए संविधान को 26 नवंबर 1949 को भारतीय संविधान सभा द्वारा अपनाया गया. डॉ. भीमराव आंबेडकर, जवाहरलाल नेहरू, डॉ राजेन्द्र प्रसाद, सरदार वल्लभ भाई पटेल, मौलाना अबुल कलाम आजाद आदि इस सभा के प्रमुख सदस्य थे.

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