Republic Day 2021 Shayari: 26 जनवरी या गणतंत्र दिवस भारत के लिए काफी अहम दिन होता है. दिन दिल्ली के राजपथ पर परेड निकाली जाती है और भारत के राष्ट्रपति इस परेड की सलामी लेते हैं. इसी दिन सन् 1950 को भारत सरकार अधिनियम (एक्ट) (1935) को हटाकर भारत का संविधान लागू किया गया था. गणतंत्र दिवस पर शायरी का अपना अलग महत्व होता है. आइए एक नजर डालते हैं इन शायरियों पर- Also Read - Twitter Blocks 500 Accounts: चेतावनी के बाद ट्विटर की बड़ी कार्रवाई, बंद किए 500 अकाउंट्स, विवादित # हटाया

ज़माने भर में मिलते हे आशिक कई,
मगर वतन से खूबसूरत कोई सनम नहीं होता .
नोटों में भी लिपट कर, सोने में सिमटकर मरे हैं कई,
मगर तिरंगे से खूबसूरत कोई कफ़न नहीं होता .. Also Read - 26 जनवरी को लाल किले पर नहीं हुआ तिरंगे का अपमान, वीडियो में नहीं दिखी ऐसी कोई बात: शिवसेना

देश भक्तों के बलिदान से ,
स्वतंत्र हुए है हम ..
कोई पूछे कौन हो ,
तो गर्व से कहेंगे .
भारतीय है हम …
गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं Also Read - Republic Day Violence: गणतंत्र दिवस हिंसा के खिलाफ याचिकाओं पर बुधवार को सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट, लाल किले पर फहराया गया था धार्मिक ध्वज

ऐ शांति अहिंसा की उड़ती हुई परी
आ तू भी आ कि आ गई छब्बीस जनवरी
-नजीर बनारसी

आज फिर है हमें ख़ुशी ऐ दोस्त
आई छब्बीस जनवरी ऐ दोस्त
यानी तारीख वो कि जब भारत
पा गया अपनी गुम-शुदा दौलत
हम जमाने में बारयाब हुए
अपने मकसद में कामयाब हुए
-आदिल जाफरी

लहू वतन के शहीदों का रंग लाया है
उछल रहा है जमाने में नाम-ए-आजादी
-फिराक गोरखपुरी

हिन्दोस्तान खुश है
हर पासबान खुश है
हर नौ-जवान खुश है
सारा जहान खुश है
एक जोश-ए-सरमदी है
छब्बीस जनवरी है
-कंवल डिबाइवी