न्यूयॉर्क. पति-पत्नी ट्रेन की दो पटरियों की तरह होते हैं. वे दिखते तो अलग-अलग हैं, लेकिन रहते साथ-साथ हैं. अगर दोनों पटरियों में से किसी एक ने भी साथ छोड़ा तो जिंदगी की ट्रेन ‘बेपटरी’ हो जाती है. इस तरह की तमाम बातें आप अब तक सुनते आए होंगे. लेकिन एक रिसर्च से अब ये बातें साबित भी हो गई हैं. जी हां, लाइफ-पार्टनर यानी जीवनसाथी (spouse) को खोने की पीड़ा लोगों की सिर्फ रातों की नींद ही नहीं छीन लेती है, बल्कि ऐसे लोगों को दिल की बीमारी का खतरा भी बढ़ जाता है. यह बात हालिया एक शोध में प्रकाश में आई है.

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इस शोध के मुताबिक जीवनसाथी से बिछुड़े लोगों को अक्सर नींद में खलल की शिकायत रहती है और वे अनिद्रा रोग के शिकार हो जाते हैं. इससे उनकी शारीरिक पीड़ा बढ़ जाती है. शारीरिक पीड़ा व उत्तेजना अधिक होने पर उनको दिल का दौरा पड़ने का खतरा बना रहता है. वैज्ञानिकों ने एक शोध के दौरान ये नतीजे पाए हैं. यह शोध रिपोर्ट साइकोसोमेटिक मेडिसिल नामक जर्नल में प्रकाशित हुई है. शोध में पाया गया कि नींद में बाधा और शारीरिक पीड़ा जीवनसाथी से वंचित लोगों में दो से तीन गुनी ज्यादा होती है.

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अमेरिका के शिकागो स्थित नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी फीनबर्ग स्कूल ऑफ मेडिसिन की शोधार्थी चिरिनोस ने कहा, “जीवनसाथी की मृत्यु काफी तनावपूर्ण घटना होती है. जीवनसाथी को खोने के बाद लोगों को अकेले रहने की आदत डालनी होती है.” उन्होंने कहा, “इससे वे अनिद्रा के शिकार हो जाते हैं, जिससे तनाव दोगुना हो जाता है. इसके फलस्वरूप उनका प्रतिरक्षी तंत्र अत्यधिक सक्रिय हो जाता है.” यानी अगर आपके जीवन की गाड़ी के रास्ते में छोटी-मोटी बाधाएं आ रही हों तो उसे मिल-बैठकर दूर कर लीजिए. किसी भी सूरत में लाइफ-पार्टनर से बिछड़ने का ख्याल भी मन में मत लाइएगा, वरना यह दूसरे से ज्यादा आपके लिए खतरनाक होगा.

(इनपुट – एजेंसी)