कोरोना वायरस वैश्विक महामारी को लगभग 9-10 महीने होने वाले हैं ऐसे में कल रुस ने दावा किया है उसके वैज्ञानिको ने कोरोना की वैक्सीन बना ली है, जिसका नाम Sputnik V रखा है. इसके इस्तेमाल को लेकर मंजूरी भी मिल गई है. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने वैक्सीन को लेकर मंगलवार को ऐलान किया. Also Read - Covid-19 Vaccine Latest Updates: भारत में कब तक आएगी Coronavirus Vaccine? स्वास्थ्य मंत्री ने बताई समयसीमा

रुस के इस दावे को कई सारे देश भ्रम का निगाहों से भी देख रहे हैं, क्योंकि इस वैक्सीन के तीसरे फेज का ट्रायल अभी पूरा नहीं हुआ है, और अब तक दूसरे फेज के परिणाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं. ऐसे में जाहिर है की दुनियाभर के देश इस पर सवाल उठाएंगे. हालांकि पुतिन ने कहा है की ये वैक्सीन खुद उनकी बेटी को लगा है और वो पूरी तरह से सुरक्षित हैं लेकिन कोरोना के मरीजों के देखते हुए कई सारे सवाल वैज्ञानिकों को परेशान कर रहे हैं. Also Read - Coronavirus Vaccine Latest News: चीन की कोरोना वैक्सीन महामारी से दिलाएगी निजात, 35000 हजार लोगों पर हुआ क्लिनिकल ट्रायल

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कैसे काम करती है यह वैक्सीन
रुप के द्वारा बनाई गई वैक्सीन Sputnik V एक SARS-CoV-2 प्रकार के एडेनोवायरस जो एक सामान्य कोल्ड वायरस है, उसके डीएनए पर आधारित है. ये कोरोना को कई सारे हिस्सों में बांट देता है और आपके शरीर की इम्यूनिटी को अच्छा करता है. रूस ने वैक्सीन के पहले फेज में सेना के 76 जवानों पर यह टेस्ट किया था.

कोरोना के लक्ष्ण लगातार बदल रहे हैं और साथ ही ठीक होने के बाद भी कई सारे लोगों पर इसका असर लंबे समय तक रह रहा है, ऐसे में जाहिर है की कोई भी वैक्सीन इस पर पूरी तरह से सफल तभी हो सकती है जब वो हर ट्रायल को पूरा कर ले. रुस में बनी ये वैक्सीन गामालेया शोध संस्थान और रुस के रक्षा मंत्रालय की निगरानी में बनी है. लेकिन गौर करने वाली बात ये है की वैक्सीन के क्लिनिकल ट्रायल पूरा किए बिना ही इसे आम नागरिकों पर इस्तेमाल करने की मंजूरी दे दी गई है. वैज्ञानिकों को डर है कि वैक्सीन गलत या खतरनाक साबित होने पर महामारी और विकराल रूप ले सकती है.

अमेरिका, ब्रिटेन समेत कई देशों का मानना है कि जिस तरह से वैक्सीन के ट्रायल की प्रक्रिया है, रूस उसके पूरी होने के पहले ही वैक्सीन की सटीकता का दावा कर रहा है जो गलत है. पिछले सप्ताह जहां डब्लूएचओ ने रूस की कोरोना वैक्सीन की जल्दबाजी को लेकर आगाह किया था, वहीं अमेरिका के शीर्ष स्वास्थ्य विशेषज्ञ एंथोनी फॉसी ने वैक्सीन को लेकर रूस और चीन दोनों के ऊपर सही प्रक्रिया का पालन करने पर संदेह जताया है.