नई दिल्‍ली: सावन में हरी चूड़ि‍यां पहनी जाती हैं. ज्‍यादातर महिलाएं इस समय में हरी चूड़ि‍यों में दिख जाती हैं. पर क्‍या आप जानती हैं कि सावन में हरी चूड़ियों का महत्‍व क्‍या है, हम बताते हैं. Also Read - Sawan 2020: सावन के आखिरी सोमवार पर भगवान शिव के दर्शन को उमड़े श्रद्धालु, देखें महाकाल की भस्म आरती

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पहले बात करते है हरे रंग की. दरअसल सावन के मौसम में हर ओर हरियाली होती है. इसलिए ये प्रकृत्ति से संबंधित रंग है. Also Read - 16 किलो सोने के आभूषण पहने कांवड़ यात्रा में शामिल हुए 'गोल्डन बाबा', पहले पहनते थे इतने किलो सोना

bangles

इस रंग को पहनने का बड़ा कारण ये है कि इसे सुहाग का प्रतीक माना जाता है. चूंकि सावन में शिव पूजा करने का विधान है, इसलिए महिलाएं हरे रंग की चूडि़यां पहनती हैं जिससे उन्‍हें भगवान शिव का आशीर्वाद मिले.

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अब आप सोच रहे होंगे कि भगवान शिव का हरे रंग से क्‍या संबंध. दरअसल, भगवान शिव प्रकृत्ति के बीच ही रहते हैं. वहीं उनका निवास है. उन्‍हें जो बेल या धतूरा चढ़ाया जाता है वो भी हरे रंग का होता है, इसलिए हरा रंग उन्‍हें भाता है. ऐसी मान्‍यता है कि सावन में हरे रंग को पहनने से वे खुश होते हैं.

एक और मान्‍यता है. चूंकि हमारे धर्मग्रंथों में हरियाली का पूजन होता आया है. पेड़ों आदि की पूजा का विधान है. ऐसा करने से हम प्रकृत्ति के प्रति अपना आभार व्‍यक्‍त करते हैं. इस रंग को पहनने से प्रकृत्ति का भी आशीर्वाद मिलता है.

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