हाइपोथैलेमस के रहस्यमय हिस्से में स्थित न्यूरॉन के एक सहायक जोड़ा भूख व शरीर के वजन को नियमित करने में मुख्य भूमिका निभाता है. इस शोध के निष्कर्षों का प्रकाशन पत्रिका ‘साइंस’ में किया गया है. इसमें आहार लेने का नियमन करने वाली एक पहले अज्ञात रही तंत्रिका तंत्र की जानकारी दी गई है. यह चूहों में भूख लगने के बदलावों को समझने के लिए एक नया दृष्टिकोण पेश करती है. Also Read - Anupamaa Rupali Ganguly Childhood Pics: तस्वीरों में देखिए 'अनुपमा' का बचपन, 7 साल की उम्र में की थी पहली फिल्म

चीन के शंघाई जिआओ तोंग विश्वविद्यालय के जिंगजिंग सन सहित दूसरे शोधकर्ताओं के अनुसार, हाइपोथैलेमस के क्षेत्र के कार्य की जानकारी को न्यूक्लियस ट्यूबरेलिस लेटेरेलिस (एनटीएल) कहा जाता है, एनटीएल की जानकारी दुर्लभ है. Also Read - Anupama Aka Rupali Ganguly Romantic Pics: शादी के बाद रूपाली ने छोड़ दी थी एक्टिंग, पति को पसंद नहीं ये बात, बेटा नहीं देखता शो

वैज्ञानिक अभी भी इसे अच्छे से समझने की कोशिश कर रहे हैं, क्योंकि मरीजों के दिमाग के इस क्षेत्र में नुकसान से उनकी भूख लगने की क्षमता घट जाती है और शरीर के वजन में तेजी से कमी होती है. Also Read - World heart day 2020: आखिर क्यों मनाया जाता है 'विश्व हृदय दिवस', जानें क्या है इसकी अहमियत

भूख लगने और शरीर के वजन में नियमन में एनटीएल की भूमिका के बारे में ज्यादा जानकारी के लिए शोधकर्ताओं ने एनटीएल में सोमटोस्टेटिन (एसएसटी) न्यूरॉन के चूहों में व्यवहार का अध्ययन किया. शोधकर्ताओं ने पाया कि एसएसटी न्यूरॉन्स भूख (रात भर भूखा रहने के बाद) और भूख हार्मोन ग्रेलिन दोनों के कारण सक्रिय होते हैं.