नई दिल्ली:   सभी पूर्णिमा में शरद पूर्णिमा का एक खास महत्व होता है. शरद पूर्णिमा अश्विन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को मनाई जाती है. इसे कौमुदी पूर्णिमा भी कहा जाता है. शरद पूर्णिमा पर खीर बनाई जाती है और उसे पूरी रात खुले आसमान के नीचे रखा जाता है. इससे यह अमृत के समान हो जाती है. लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि खुले आसमान के नीचे रखी जाने वाली इस खीर को खाने से सभी रोगों से मुक्ति मिल जाती है. ऐसा माना जाता है कि इस दिन चांद अपनी सभी 16 कलाओं से भरा होता है, जिस वजह से चांद रात 12 बजे धरती पर अमृत बरसाता है. इसी अमृत को प्रसाद के तौर पर ग्रहण करने के लिए खीर चांद की रोशनी में रखी जाती है रात 12 बजे के बाद खीर उठाकर प्रसाद के तौर पर खाई जाती है. आइए जानते हैं खुले आसमान में रखे जाने वाली खीर को खाने के सेहत को क्‍या फायदे-Also Read - Health Benefits Of Rajma: डायबिटीज के मरीजों के लिए फायदेमंद है राजमा, पढें र‍िपोर्ट

दूध में लैक्टिक नामक अम्ल पाया जाता है, जो चंद्रमा की किरणों से अधिक मात्रा में शक्ति का शोषण करता है. इसके साथ ही चावल में स्टार्च पाया जाता है जिस वजह से ये प्रक्रिया और भी आसान हो जाती है. वैज्ञानिक मान्यताओं के अनुसार भी इस खीर का सेवन करना काफी फायदेमंद होता है. Also Read - Health Tips: Covid-19 से लड़ने के लिए Immunity बढ़ाना है बेहद ज़रूरी, इन 3 Step Mantra से करें अपनी इम्युनिटी बूस्ट

– दमा की बीमारी से परेशान लोगों के लिए यह खीर खाना काफी फायदेमंद होता है. शरद पूर्णिमा की रात को चंद्रमा की चांदनी में खीर रखने के बाद सुबह चार बजे के आसपास दमा रोगियों को खा लेनी चाह‍िए. Also Read - Tips: 40 की उम्र के बाद भी रहेंगे एकदम फिट, बस लाइफस्टाइल में कर लें ये बदलाव

– शरद पूर्णिमा की खीर दिल के मरीज़ों और फेफड़े के मरीज़ों के लिए भी काफी फायदेमंद होती है. इसे खाने से श्वांस संबंधी बीमारी भी दूर होती हैं.

– स्किन रोग से परेशान लोगों को शरद पूर्णिमा की खीर खाने से काफी फायदे मिलते हैं. मान्यता है कि अगर किसी भी व्यक्ति को चर्म रोग हो तो वो इस दिन खुले आसमान में रखी हुई खीर खाए.