खामोशी से फैल रही आंत की खतरनाक बीमारी! इन लक्षणों को हल्के में लेना पड़ सकता है भारी

आजकल की भागदौड़ भरी जीवनशैली में और बाहर के खानपान के चलते आंतों में कई बीमारियां धीरे से एंट्री कर रही हैं. ये बीमारी शुरुआत में कोई बड़ा शोर नहीं मचाती, पर अगर आपने कुछ लक्षणों को इग्नोर किया तो ये बीमारी कई बार जानलेवा साबित हो सकती हैं.

Published date india.com Published: December 20, 2025 7:21 AM IST
intestine diseases

आज की लाइफस्टाइल में अनियमित खानपान की वजह से आंतों में कई बीमारी शरीर में फैल रही है, लेकिन अगर समय पर ध्यान न दिया जाए तो इनसे आपकी जान पर भी बन सकती है. ऐसे में आपको अपनी व्यस्त जीवनशैली में पोषण से जुड़ी जरूरतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. समय पर ध्यान न देने से शरीर में कई बीमारियां घर करने लगती हैं और उनका पता तब चलता है, जब बात हाथ से निकल जाती है.

अक्सर हम पेट के हल्के दर्द को मामूली समझकर छोड़ देते हैं, लेकिन इसे नजरअंदाज करना ठीक नहीं है. ये असल में यह आंतों की खराब सेहत का इशारा हो सकता है, जो आगे चलकर किसी बड़ी बीमार का रूप ले सकता है.

शरीर में नजर आने लगते हैं ये लक्षण

आपको बता दें कि आंत हमारे शरीर का अहम हिस्सा होती हैं, ये शरीर की गंदगी को बाहर निकालकर सब ठीक करती हैं. लेकिन आंतों का संक्रमण तब होता है जब बैक्टीरिया, वायरस, फंगस या परजीवी छोटी या बड़ी आंतों में बढ़ने लगते हैं. ऐसे समय में शरीर में धीरे-धीरे पेट दर्द, पाचन, कब्ज, हॉर्मोन असंतुलन, उल्टी, बुखार जैसे लक्षण दिखने लगते हैं. कुछ आंतों में ज्यादा परेशानी होने पर कीड़े भी हो जाते हैं और ये स्थिति शरीर को कमजोर और बेहद बीमार कर सकती है.

किन-किन वजहों से बढ़ता है संक्रमण?

आपको बता दें कि आंतों का संक्रमण होने के कई कारण हो सकते हैं, जैसे गंदा पानी और दूषित भोजन का सेवन करना, बार-बार एंटीबायोटिक लेना, कमजोर पाचन प्रणाली का होना, बिना हाथ साफ किए भोजन खाना, जंक फूड ज्यादा खाना, और तनाव लेना शामिल है.

इन उपायों को आजमाकर खतरे को कर सकते हैं कम

आपको बता दें कि आयुर्वेद में आंतों की देखभाल के लिए कई उपाय बताए गए हैं. इसके लिए रोजाना दोपहर के समय छाछ का सेवन करना फायदेमंद माना जाता है. छाछ आंतों में औषधि का कम करती है. इसमें हींग और जीरा मिलाकर पीने से आंतों का बैक्टीरिया खत्म होता है. दूसरा, अनार का रस पीने से भी आंतों को ठीक से काम करने की क्षमता मिलती है. इससे आंतों में फैलने वाला संक्रमण नियंत्रित होगा. अगर संक्रमण की वजह से पेट खराब हो गया है और दस्त की शिकायत है, तो अनार का सेवन जरूर करें.

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इसके अलावा बेल का जूस आंतों के लिए लाभकारी होता है. गर्मियों में बेल का जूस आंतों को साफ करने में मदद करता है त्रिफला चूर्ण का सेवन भी आंतों के लिए दवा की तरह है. त्रिफला चूर्ण को गुनगुने पानी के साथ लेने से आंतों की सफाई होती है और संक्रमण का खतरा कम होता है. दूध के साथ हल्दी का सेवन भी आंतों को साफ करने में मदद करता है और आंतों की सूजन को कम करता है.

                                                                                  (Source- IANS)

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