मोबाइल फोन का चस्‍का ऐसा है कि जहां भी जाओ लोग इससे चिपके ही दिखाई देते हैं. उन्‍हें ये परवाह ही नहीं होती कि सामने वाला क्‍या कह रहा है, क्‍या कर रहा है. तो क्‍या मोबाइल की ये दीवानगी शादीशुदा जीवन पर भी असर डालती है?

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जवाब है हां. ऐसा होता है. अब आप सोच रहे होंगे कि हम ये बात कैसे कह सकते हैं? तो जनाब ये बात हम नहीं कह रहे बल्‍कि एक सर्वे में सामने आई है.

ये सर्वे किया था दुरहम यूनिवर्सिटी ने. वहां शोधकर्ताओं ने मोबाइल फोन के निजी जीवन पर पड़ रहे असर पर अध्‍ययन किया. सर्वे में पता चला कि लोगों को अपने पार्टनर के साथ निजी पलों को बिताने से ज्‍यादा पसंद मोबाइल फोन पर चिपके रहना पसंद होता है.

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शोध में 15 जोड़ों का इंटरव्यू लिया गया था. इनमें से 40 प्रतिशत जोड़ों ने कहा कि वे फोन इस्तेमाल करने के लिए सेक्स में देरी करते हैं. इसका मतलब है कि पार्टनर के साथ अकेले होने पर भी वो फोन देखते रहते हैं.

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बाकी बचे लोगों ने कहा कि सेक्‍स के दौरान किसी का फोन या मैसेज आ जाए तो वे जल्‍दी में सब खत्‍म करना चाहते हैं ताकि उसे चेक कर सकें.

अनिद्रा और नींद टूटने जैसी समस्याएं
हार्ट केयर फाउंडेशन (एचसीएफआई) के अध्यक्ष डॉ. के.के. अग्रवाल कहते हैं, ‘स्मार्टफोन की बढ़ती लोकप्रियता के साथ युवाओं में फेसबुक, इंटरनेट, ट्विटर और ऐसे अन्य एप्लीकेशंस में से एक न एक का आदी होने की प्रवृत्ति आम है. इससे अनिद्रा और नींद टूटने जैसी समस्याएं हो सकती हैं. लोग सोने से पहले स्मार्ट फोन के साथ बिस्तर में औसतन 30 से 60 मिनट बिताते हैं’.

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