Surya Grahan 2019: साल 2019 का आखिरी सूर्यग्रहण 26 दिसंबर, गुरुवार को है. सूतक 12 घंटे पहले ही आरंभ हो जाएगा. इस दौरान आम लोगों को कई तरह के काम करने को मना किया जाता है, जिससे उन पर ग्रहण का बुरा असर ना हो. पर इससे भी अधिक सावधानी गर्भवती महिलाओं को रखने की सलाह दी जाती है.

चूंकि ज्‍योतिषी इस ग्रहण को काफी प्रभावी मान रहे हैं, ऐसे में इन सावधानियों को बरतना और भी आवश्‍यक हो जाता है.

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गर्भवती महिलाएं क्‍या ना करें
ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को कई तरह की सावधानियां बरतने की सलाह दी जाती है. कहा जाता है कि ग्रहण के दौरान महिला को बिस्‍तर पर सीधा होकर लेट जाना चाहिए. उसे किसी भी तरह की धारदार चीजों को छूने की भी मनाही होती है.

दरअसल ये कुछ मान्‍यताएं हैं. जिनका पालन सदियों से किया जा रहा है. आप भी जानें ग्रहण में गर्भवती महिलाओं को क्‍या नहीं करना चाहिए.

– ग्रहण के समय चाकू-कैंची जैसी धारदार चीजों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए.

– किसी भी नुकीली चीज जैसे सुई आद का प्रयोग नहीं करना चाहिए.

– गर्भवती महिला को आंखों से ग्रहण को नहीं देखना चाहिए.

– ग्रहण के समय गर्भवती महिलाओं को सिलाई, कढ़ाई, काटना या छीलने जैसे कार्य नहीं करना चाहिए. क्योंकि ऐसा करने से बच्चों के अंगों को क्षति पहुंच सकती है.

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– ग्रहण के समय में उत्सर्जित होने वाली नकारात्मक ऊर्जा गर्भ में पल रहे बच्चे की सेहत पर बुरा असर डाल सकती है, इसलिए गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के दौरान बाहर नहीं निकलने दिया जाता.

– गर्भवती महिला को ग्रहण काल में बिना देव मूर्ति स्पर्श किए जप करना चाहिए.

क्‍यों नियमों को मानना जरूरी
ज्‍योतिष में कहा गया है कि सूर्य और चंद्र ग्रहण का असर सभी राशियों पर होता है. साथ ही जो लोग सूतक काल और ग्रहण के समय नियमों का पालन नहीं करते हैं, उन्‍हें कई प्रकार के कष्‍ट झेलने होते हैं. ऐसे में आपको भी उन कार्यों को जानना चाहिए जिन्‍हें सूतक और ग्रहण समय में करने की मनाही है.

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