लोगों में अनिद्रा यानी नींद ना आने की समस्या कॉमन हो चुकी है. अक्सर वे शिकायत करते हैं कि उन्हें नींद नहीं आती. कोशिश करने पर भी नहीं. आखिर ऐसा होता क्यों है?

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नींद ना आने के पीछे एक मुख्य वजह सोच है. जी हां, वो बातें जिन्हें आप बिस्तर पर लेटे हुए सोचते रहते हैं. इनकी वजह से आपकी नींद उड़ जाती है.

डॉक्टर्स कहते हैं कि मानसिक तनाव, दबी हुई इच्छाएं और मन में तीव्र कड़वाहट लिए हुए बिस्तर पर लेटे तो अनिद्रा का शिकार हो सकते हैं.

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अधिक जानकारी देते हुए हार्ट केयर फाउंडेशन (एचसीएफआई) के अध्यक्ष डॉ. के. के. अग्रवाल ने कहा, ‘आयुर्वेद में नींद का वर्णन वात और पित्त दोष के बढ़ने के रूप में मिलता है. इसका सबसे प्रमुख कारण है मानसिक तनाव, दबी हुई इच्छाएं और मन में तीव्र कड़वाहट. इसके अलावा अनिद्रा के अन्य कारणों में कब्ज, अपच, चाय, कॉफी और शराब का अधिक सेवन तथा पर्यावरण में परिवर्तन, यानी अधिक सर्दी, गर्मी या मौसम में बदलाव है’.

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एक हालिया शोध में पता चला है कि लगभग 93 प्रतिशत भारतीय अच्छी नींद से वंचित हैं.

डॉ. अग्रवाल ने कहा कि अगर आपका दिमाग सोच-विचार में लगा है या आपकी मांसपेशियां तनाव में हैं, तो आपको सोने में मुश्किल हो सकती है. दिमाग को शांत करने और मांसपेशियों को आराम देने के लिए, ध्यान करना, गहरी सांस लेना या मांसपेशियों को आराम देने से लाभ हो सकता है.
(एजेंसी से इनपुट)

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