आप घर में आम तौर पर जितने काम करती हैं, उससे सेहत का क्या कनेक्शन है, कभी सोचा है आपने? अगर नहीं तो जरूर सोचिए. दरअसल, घर में झाड़ू लगाना, वाशिंग मशीन में कपड़े धोना, बर्तन धोना और सबसे जरूरी चीज कुकिंग यानी खाना पकाना, इन सभी कामों से आपकी सेहत का सीधा कनेक्शन है. जी हां, अगर कोई वर्किंग-वुमन दफ्तर वाले काम के साथ-साथ घर के ये सारे काम भी करती हैं तो यह उनकी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है. इन छोटे-छोटे कामों से न सिर्फ आप अपने घर को साफ-सुथरा रखती हैं, बल्कि आपका वजन भी ठीक रहता है. एक्स्ट्रा-फैट कभी आपके आसपास नहीं फटक पाता. इसीलिए पुरुषों को भी चाहिए कि वे घर के कामों में अपनी पत्नी, बहन या मां का हाथ बंटाएं, ताकि इस बहाने ही सही, आपकी सेहत बनी रहे.

इन कामों से बनेगी सेहत, घटेगा वजन
साफ-सफाई
घर की साफ-सफाई सिर्फ मेहमानों या पड़ोसियों को दिखाने के लिए नहीं होती, बल्कि आप खुद स्वच्छ रहने के लिए भी घर को साफ रखते हैं. कहते भी हैं कि जहां सफाई रहती है वहां अमन का वास होता है. लेकिन आपको ये जानकर हैरत होगी कि नियमित तौर झाड़ू से घर की सफाई करने के दौरान शरीर की मांसपेशियों की कसरत हो जाती है. साथ ही यह काम आपके शरीर में मौजूद एक्स्ट्रा कैलोरीज घटाने में भी मददगार होता है. टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार 20 मिनट तक मॉपिंग यानी साफ-सफाई के काम से आप 150 ग्राम तक कैलोरी-बर्न कर सकते हैं.

लॉन्ड्री का काम
अगर आप घर में इलेक्ट्रॉनिक वाशिंग मशीन का इस्तेमाल करते हैं तो समझिए कि वजन घटाने का मौका मिस कर देते हैं. जी हां, हाथ से कपड़े धोने की क्रिया भी आपको सेहतमंद बनाए रख सकती है. वाशिंग मशीन की मदद से आप इस काम से फुर्सत तो जरूर पा लेते हैं, लेकिन इससे शरीर की मेहनत कम हो जाती है. यही काम अगर आप खुद करें तो इसके फायदे साफ दिखेंगे. घंटेभर की मेहनत से आप 130 से 150 ग्राम तक कैलोरी-बर्न कर सकते हैं.

बर्तन धोना
घर में डिशवाशर हो तो हाथ से बर्तन धोने का काम पीछे छूट ही जाता है. लेकिन यह सेहत के लिए सही नहीं है. आप डिशवाशर का इस्तेमाल करें, लेकिन जब भी मौका मिले तो बर्तनों को धोने के पारंपरिक तरीके को आजमाएं. जी हां, बर्तन धोने में लगने वाली मेहनत भी कैलोरी-बर्न में मददगार है. अगर एक दिन में घंटेभर तक यह काम किया जाए तो 125 ग्राम तक कैलोरी-बर्न किया जा सकता है.

कुकिंग
किचेन में घंटेभर तक खड़े रहकर कौन खाना बनाए, चलो बाहर से ऑर्डर कर लेते हैं. यह मानसिकता आपकी सेहत के लिए नुकसानदायक है. जी हां, बाहर के खाने से आपका हाजमा बिगड़ सकता है. इसलिए घर में बना हुआ भोजन करें. वह भी अगर खुद से खाना बना सकते हैं और बेहतर है. दरअसल, किचेन में खाना बनाने में भी शरीर को मेहनत लगती है, एक्स्ट्रा-फैट निकलता है. सब्जी काटना, आटा गूंथना या किचेन के अन्य कामों में खूब मेहनत लगती है, और यह मेहनत करनी चाहिए. आपने गौर किया होगा कि गर्मी के दिनों में खाना बनाते वक्त खूब पसीने छूटते हैं. यह कुछ देर के लिए तो मुश्किल भरा लगता है, लेकिन सेहत के नजरिए से देखें तो फायदेमंद है.