Diabities यानी मधुमेह अब कॉमन प्रॉब्‍लम हो चुकी है. इसकी वजह है खराब लाइफस्‍टाइल. Also Read - Alert: Diabetes है तो सिर्फ मीठा ही नहीं ये चीजें भी जहर हैं आपके लिए!

ये ऐसी बीमारी है जो उच्च रक्त ग्लूकोज के स्तर से होती है. विशेषज्ञों का कहना है कि जागरूकता और स्वस्थ जीवनशैली से मधुमेह को नियंत्रित किया जा सकता है. Also Read - Non Veg जैसा टेस्‍ट पर फायदों में उससे कहीं ज्‍यादा बेहतर, खाएं कटहल...

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ऑनक्यूस्ट लेबोरेटरीज के मुख्य संचालन अधिकारी और लैब निदेशक डॉ. रवि गौर कहते हैं, ‘मधुमेह से संबंधित कुछ सामान्य लक्षण भूख और प्यास, लगातार पेशाब, वजन घटना, थकान, धुंधलापन और लगातार संक्रमण या घावों का देर से ठीक होना शामिल है’. ऐसे लक्षण दिखने पर उन्‍हें इग्‍नोर नहीं करना चाहिए.

Diabetes

उन्होंने कहा, ‘डॉक्टरों के लिए, लक्षणों के आधार पर टाइप 1 मधुमेह का निदान करना आसान है, लेकिन यह सुनिश्चित करने के लिए कि किसी व्यक्ति को टाइप-2 मधुमेह है या नहीं, वे ग्लाइकेटेड हीमोग्लोबिन (ए 1 सी), भोजन के बाद रक्त शर्करा परीक्षण, खाली पेट रक्त शर्करा परीक्षण, और मौखिक ग्लूकोज सहिष्णुता (ओरल ग्लूकोज टॉलरेंस टेस्ट) जैसे कुछ परीक्षणों की सलाह देते हैं’.

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डॉ. गौर ने कहा, ‘स्वस्थ जीवनशैली के माध्यम से टाइप-2 मधुमेह को रोका जा सकता है या टाला जा सकता है, जिसमें फाइबर का अच्छा सेवन, शारीरिक गतिविधियों के स्तर में वृद्धि, वजन नियंत्रण, बेहतर नींद लेने के साथ संतुलित आहार शामिल है. सकारात्मक नैदानिक रिपोर्ट प्राप्त करने के बाद, रोगी को एक योग्य और अनुभवी एंडोक्राइनोलॉजिस्ट द्वारा दी गई दवाओं और सुझावों का सख्ती से पालन करना चाहिए’.
(एजेंसी से इनपुट)

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