TikTok भारत में काफी पॉपुलर है. यूथ इसे पसंद करता है. पर इसके इस्‍तेमाल पर बहस तब शुरू हुई जब इस पर प्रतिबंध लगाने की बात उठी. ये बात कही थी मद्रास उच्‍च न्‍यायालय ने. मद्रास उच्च न्यायालय ने इस दलील के साथ केंद्र सरकार से इस ऐप को प्रतिबंधित करने की सलाह दी थी कि इससे युवाओं में अश्लीलता बढ़ रही है.

इसके बाद न्यूज ऐप इनशॉर्ट ने एक सर्वे किया. इस सर्वे में कई चौंकाने वाली बातें सामने आईं.

इस सर्वेक्षण के अनुसार, देश के 80 प्रतिशत युवा विवादित चीनी वीडियो ऐप टिकटॉक पर प्रतिबंध लगाने के पक्ष में हैं.

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न्यायालय के अनुसार टिकटॉक की मालिक एक चीनी टेक कंपनी बाईट डांस है, जो युवाओं को अनुचित कंटेंट उपलब्ध करा रही है. ऐसे में केंद्र सरकार का यह कर्तव्य है कि वह इस पर रोक लगाए.

वहीं, टिकटॉक के अधिकारियों का कहना है कि ऐप सभी स्थानीय नियम व कानूनों को मानने के प्रति प्रतिबद्ध है.

कंपनी के अधिकारियों ने न्‍यूज एजेंसी आईएएनएस को बताया कि उन्होंने सूचना प्रौद्योगिकी नियम 2011 का पूरी तरह से पालन किया है. फिलहाल वे मद्रास उच्च न्यायालय के आधिकारिक आदेश का इंतजार कर रहे हैं, जिसके बाद वे इसकी समीक्षा करेंगे.

कुछ बड़े शहरों में किए गए सर्वेक्षण में 18 से 35 आयुवर्ग के करीब 30 हजार लोगों से पूछा गया कि क्या वे चाहते हैं कि भारत में टिकटॉक पर प्रतिबंध लगना चाहिए?

इसके जवाब में अस्सी फीसदी प्रतिभागियों ने ‘हां’ में और 20 प्रतिशत लोगों ने ‘नहीं’ में जवाब दिया।
(एजेंसी से इनपुट)

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