प्रेगनेंसी के बाद अक्सर लोग इस बात को लेकर असमंजस में होते हैं कि वे कबसे अपने शादीशुदा जीवन की फिर से शुरुआत करें. ज्यादातर लोगों के मन में यही सवाल होता है. जानें क्या कहते हैं डॉक्टर्स.

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प्रेगनेंसी का समय बेहद नाजुक होता है. आखिर के तीन महीने में तो महिला को एक्स्ट्रा केयर की आवश्यकता होती है. इस समय और फिर डिलीवरी के बाद महिला का शरीर बेहद नाजुक होता है. ऐसे में लोग समझ नहीं पाते कि वे रोमांस करें या नहीं.

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कब शुरू करें रोमांस
फेमस गायनोकॉलजिस्ट डॉक्टर रेणु कहती हैं कि चाहे डिलीवरी नॉर्मल हो या सीजेरियन, शरीर को ताकत हासिल करने में समय लगता है. इसलिए डिलीवरी के बाद फिजिकल रिलेशनशिप बनाने में जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए. डॉक्टर कहते हैं कि डिलवरी के बाद सेक्‍स करने से पहले 4 से 6 सप्ताह तक का गैप रखना जरूरी है.

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क्यों इतना समय है जरूरी
डिलीवरी के 4 से 6 सप्ताह के भीतर शरीर अच्छी तरह से हील कर जाता है. इस समय तक प्रसव के बाद होने वाले रक्तस्राव की समस्या भी खत्म हो जाती है.

नॉर्मल डिलीवरी हो तो
नॉर्मल डिलीवरी के दौरान संक्रमण का खतरा बहुत अधिक होता है. दरअसल, प्लेसेंटा के बाहर निकलने से गर्भाशय जख्मी होता है और घाव को भरने में थोड़ा समय लगता है. ऐसे में डिलीवरी के एक माह के अधिक समय तक रुकने की सलाह दी जाती है.

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सिजेरियन हो तो
जिन महिलाओं का पेरिनियम क्षेत्र प्रसव के दौरान फट जाए या वहां चीरा लगाया गया हो, उन्हें छह सप्ताह का इंतजार जरूर करना चाहिए. आसान शब्दों में सिजेरियन के बाद जो टांके लगे हैं, वो ठीक से भरे हैं या नहीं, डॉक्टर से ये जानने के बाद ही कोई फैसला लें.

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