नई दिल्ली: एक मनुष्य के लिए पानी बहुत जरूरी होता है. पानी केवल हमारी प्यास को ही नहीं बुझाता बल्कि अपने शरीर से कई बीमारियों को भी बाहर निकालता है. ऐसे में जरूरी है कि हम जो पानी पी रहे हैं वह साफ हो. आजकल पानी को साफ करने के लिए मार्केट में कई तरह के वॉटर फिल्टर आदि आ रहे हैं जो कि ग्राहकों के साफ और शुद्ध पानी का दावा करते हैं. लेकिन क्या आपको पता है जिस पानी को आप साफ समझकर पी रहे हैं वह वास्तव में साफ है भी या नहीं? ऐसे में आपकी मदद करने के लिए आज हम आपको कुछ ऐसे तरीके बताने जा रहे हैं जिससे आप भी अपने पानी की जांच कर सकते हैं, और पता लगा सकते हैं कि जो पानी आ पी रहे हैं वह साफ है या नहीं. आइए जानते हैं उन तरीकों के बारे में-

पानी का कलर- सबसे पहले एक कांच के गिलास में पानी को रखकर उसका कलर देखें. पानी अगर पीला या ब्राउन कलर का है या फिर उसमें किसी तरह के कण नजर आ रहे हैं तो समझ जाएं कि आपका पानी लो-क्‍वालिटी का है. अगर आपके घर में वॉटर फिल्‍टर लगा हुआ है और उसमें से इस तरह का पानी आ रहा है तो ऐसा हो सकता है कि आपके वॉटर फिल्‍टर की बहुत दिनों से सर्विंसिंग नहीं हुई हो.

ट्रांसपेरेंसी- पानी के रंग के साथ-साथ पानी में कितनी पारदर्शिता है, इसे भी जरूर जांचे. अगर आपके पानी का रंग अलग है या फिर किसी भी तरह के पार्टिकल्‍स हैं तो वह पानी धुंधला नजर आएगा. पानी में यदि मिट्टी के कण होते हैं, तब भी वह धुंधला नजर आता है. ऐसे पानी को नहीं पीना चाहिए.

पानी को करें टेस्ट- पानी की शुद्धता का पता आप चखकर भी लगा सकते हैं अगर चखने पर पानी कड़वा लगे तो उसे थूक दे, अगर पानी में धातु जैसा स्वाद आ रहा है तो इसका मतलब इसमें धात्विक अशुद्धियां जैसे कैलशियम, मैग्निशियम आदि मिली हुई है, अगर पानी में ब्लीच का स्वाद आ रहा है तो इसका मतलब पानी में क्लोरीन मिली हुई है. कभी-कभी पानी थोड़ा नमकीन लगता है यह सल्फेट की मौजूदगी दर्शाता है.

पानी की महक – पानी में यदि किसी भी तरह की महक आ रही है तो भी आपको इस तरह का पानी पीने से पहले उसकी जांच कर लेनी चाहिए. इस बात का ध्‍यान रखें कि कई बार जिस बर्तन में आप पानी पी रहे हैं, वह सही से धुला हुआ नहीं होता है या फिर उसमें से किसी तरह की गंध पहले से आ रही होती है तो भी आपके पानी में से महक आ सकती है.

बर्तन को करें चैक- कई बार पानी खराब होने से बर्तन पर इसके निशान पड़ने लगते हैं और बर्तन का रंग बदल जाता है वहीं, नल का भी रंग बदल जाता है. ऐसे में पानी को फिल्टर करके ही पीएं.