कुछ लोगों को अपने अधूरेपन को लेकर ऊपर वाले से शिकायत हो सकती है. वहीं कुछ ऐसे लोग भी हैं, जो अपने अधूरेपन पर मलाल करने की बजाय न सिर्फ उसे पूरा करते हैं बल्कि दुष्वारियों की कड़ी धूप में भी अपने हिस्से की छांव छीन लेने का हौंसला रखते हैं. Also Read - यूपी में पहली बार किन्नरों के लिए हो रहा 'कल्याण बोर्ड' का गठन, जानें क्या है योगी सरकार का मकसद

मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता में हिस्सा ले रहीं स्पेन की ट्रांसजेंडर सुंदरी का आत्मविश्वास और खुद को बेहतरीन ढंग से पेश करने का अंदाज सुर्खियां बटोर रहा है. वहीं भारत की भी एक ट्रांसजेंडर सुंदरी दुबई में मिस वर्ल्ड डाइवर्सिटी प्रतिस्पर्धा में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाली हैं. अगर वह यह खिताब अपने नाम कर पाईं तो ऐसा करिश्मा करने वाली वह भारत की पहली ट्रांससेक्सुअल महिला होंगी. Also Read - कॉमन सर्विस सेंटर में काम करने वाली देश की पहली ट्रांसजेंडर ऑपरेटर बनी जोया खान, केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद किया ट्वीट

ऐयाज नाज जोशी को मिस डाइवर्सिटी वर्ल्ड 2017 में क्वीन के खिताब से संतोष करना पड़ा था, लेकिन इस बार वह मुख्य टाइटल अपने नाम करने का सपना लेकर दुबई पहुंची हैं. मिस डाइवर्सिटी वर्ल्ड एक ऐसा अंतरराष्ट्रीय आयोजन है जिसमें सौंदर्य प्रतियोगिता के माध्यम से विश्व भर की सांस्कृतिक विभिन्नता को बढ़ावा देने का काम किया जाता है. इसमें मिसेज, मिस, मिस टीन्स के अलावा छोटी बच्चियों के लिए भी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है.

प्रतियोगिता के परिणाम कल 14 जुलाई को घोषित किए जाएंगे. नाज जोशी का कहना है कि इस कम्पीटिशन में भाग लेने के पीछे उनका मकसद लैंगिक अंतर को खत्म करना है. वह ट्रांसजेंडर लोगों के प्रति लोगों का नजरिया बदलना चाहती हैं. यह पूछे जाने पर कि अपने इस उद्देश्य के लिए उन्होंने सौंदर्य प्रतियोगिता को ही क्यों चुनने के सवाल पर उन्होंने एक अच्छा जवाब दिया.

नाज कहती हैं, ‘‘इस प्रतियोगिता में मैं किसी समुदाय विशेष का प्रतिनिधित्व नहीं कर रही, मैं पूरे विश्व का प्रतिनिधित्व कर रही हूं जहां हर किसी के लिए जगह है जहां हर किसी की अपनी पहचान है. सौंदर्य प्रतियोगिता लैंगिक भेदभाव को खत्म करने का एक जरिया मात्र है.