अक्‍सर लोग घर के अंदर जाते हुए बेधड़क जूते-चप्‍पल पहने घुसते जाते हैं. ज्‍यादातर लोगों की सोच होती है कि इससे केवल धूल-मिट्टी घर के अंदर आती है, पर क्‍या आप जानते हैं कि आपकी इस हरकत से सेहत पर भी काफी असर होता है.Also Read - खाना देखते ही टपकने लगती थी लार! इतना खाते थे...इतना खाते थे अदनान सामी कि....

कुछ माह पहले किए गए एक शोध में ये बात सामने आई है. शोध में कहा गया है कि घर में प्रवेश करने से पहले जूते उतारने से व्यक्ति चुस्त-दुरुस्त रहता है. क्योंकि यह हार्मोन में बदलाव लाने वाले रसायनों को घर के भीतर एकत्रित होने से रोकता है. Also Read - Tips: टमाटर को रखना चाहते हैं लंबे समय तक फ्रेश तो फॉलो करें ये खास टिप्स

शोध में कहा गया है कि लोगों की इस हरकत की वजह से दुनिया भर के करोड़ों लोगों में मोटापे का खतरा बढ़ा है. कम उम्र के बच्चे भी इससे अछूते नहीं हैं. Also Read - Tips: घर के अंदर Cash छिपाने की सबसे बढ़िया जगह कौन-कौन सी हैं?

कैसे होता है ये
शोध में बताया गया है कि हमारे शरीर में वसा एकत्रित करने वाले और उनके प्रसंस्करण के लिए जिम्मेदार रसायनों को ओबसोजिन्स कहा जाता है. इन रसायनों को ही मोटापे के बढ़ते मामलों के लिए संभावित तौर पर जिम्मेदार बताया जाता है.

पुर्तगाल स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ एवियरो एवं यूनिवर्सिटी ऑफ बेयारा इंटीरियर के अनुसंधानकर्ताओं ने पहले से किये गए अध्ययनों की समीक्षा की और बताया कि भोजन, घरों की धूल और साफ-सफाई, रसोई या साज-सज्जा में प्रयुक्त रसायनों जैसे दैनिक इस्तेमाल की वस्तुओं के जरिये ये ओबसोजिन्स घर में पहुंचते हैं.

लिस्बन विश्वविद्यालय की अना कैटरीना सोसा ने कहा , ‘ओबसोजिन्स किसी भी जगह मिल सकता है. हमारा खाना इसका सबसे बड़ा स्रोत है क्योंकि कुछ कीटाणुनाशक और कृत्रिम मीठे पदार्थ ओबजिन्स हैं’.
सोसा ने कहा, ‘इसी प्रकार वे प्लास्टिक और घरेलू सामानों में विद्यमान होते हैं. इसलिए पूरी तरह उसके संपर्क से बाहर होना बहुत मुश्किल है लेकिन उल्लेखनीय रूप से उसमें कमी लाना ना सिर्फ मुमकिन है बल्कि बहुत आसान भी है’.

क्‍या है सुझाव
इस अध्ययन के आधार पर अनुसंधानकर्ताओं ने घर में प्रवेश करते समय जूते खोलने का सुझाव दिया ताकि ऐसे दूषित पदार्थ जूते के सोल के जरिये घर में ना पहुंच सकें. उन्होंने समय-समय पर सफाई करने और घर या कार्यस्थल पर कम से कम कारपेट बिछाने के लिए भी कहा है. अनुसंधानकर्ताओं ने लोगों को ताजा खाना खाने और ऑर्गेनिक फलों को तरजीह देने का परामर्श भी दिया है.