Valentine Day 2020: आज का दिन यानी 14 फरवरी अपने आप में ख़ास है. मोहब्बत के इस हफ़्ते में ये दिन प्यार करने वालों के लिए कई मायनों में स्पेशल है. वैलेंटाइन वीक के शुरू होते ही प्यार के परिंदों में एक अजीब सी गर्मजोशी दिखाई देती है. प्यार में अक्सर लोग एक दूसरे की अहमियत बताने में देर कर देते हैं मगर आज का दिन उन्हीं कमियों को पूरा करने का दिन है. दुनिया के सारे लव बर्ड्स इस दिन एक दूसरे के साथ पूरी ज़िंदगी जीने का ख़्वाब देखते हैं. ख़्वाब के साथ-साथ उन्हें हक़ीक़त में बदलने का हौसला पाते हैं. वैलेंटाइन डे के ख़ूबसूरत मौके पर हम अपने पार्टनर से बहुत कुछ कहना चाहते हैं मगर वो अल्फ़ाज़ ही नहीं मिलते हैं जिससे वो एहसास हुबहु उतर कर सामने आ सकें. इसलिए इस हसीन मौके पर हम लाए है कुछ ऐसे शेर/ शायरी जिससे आप आसानी से अपने दिल की बात कह सकते हैं. Also Read - Bigg Boss 14 Valentine’s Romance: एक दूसरे को Kiss करते नजर आए Aly-Jasmin, घरवालों ने खेला Black Rose का गेम

Valentine Day Romantic Shayari in Hindi- यहां पढ़िए ‘वैलेंटाइन डे’ पर रोमंटिक शायरी-

उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो
न जाने किस गली में ज़िंदगी की शाम हो जाए Also Read - Valentine's Day 2021: Arshad Warsi से Sanjay Dutt तक, Valentine Day पर शादी के बंधन में बंधे थे ये सितारे

बशीर बद्र Also Read - Valentine Day 2021: Neha Pendse का पंसदीदा कपल है 'विरुषका', इस एक्टर को करना चाहती हैं डेट...See Video

रंजिश ही सही दिल ही दुखाने के लिए आ
आ फिर से मुझे छोड़ के जाने के लिए आ

अहमद फ़राज़

इन्हीं पत्थरों पे चल कर अगर आ सको तो आओ
मिरे घर के रास्ते में कोई कहकशाँ नहीं है

मुस्तफ़ा ज़ैदी

मैं जब सो जाऊँ इन आँखों पे अपने होंट रख देना
यक़ीं आ जाएगा पलकों तले भी दिल धड़कता है

बशीर बद्र

उस की याद आई है साँसो ज़रा आहिस्ता चलो

धड़कनों से भी इबादत में ख़लल पड़ता है

राहत इंदौरी

Valentine Day Special Shayari- वैलेंटाइन डे पर प्यार भरी शायरी-

गिला भी तुझ से बहुत है मगर मोहब्बत भी
वो बात अपनी जगह है ये बात अपनी जगह

बासिर सुल्तान काज़मी

आज देखा है तुझ को देर के बअ’द
आज का दिन गुज़र न जाए कहीं

नासिर काज़मी

Valentine Day 2020- Love Shayari 

झुकी झुकी सी नज़र बे-क़रार है कि नहीं
दबा दबा सा सही दिल में प्यार है कि नहीं

कैफ़ी आज़मी

आरज़ू है कि तू यहाँ आए
और फिर उम्र भर न जाए कहीं

नासिर काज़मी

जब भी आता है मिरा नाम तिरे नाम के साथ
जाने क्यूँ लोग मिरे नाम से जल जाते हैं

क़तील शिफ़ाई