Vedic Rakhi: प्राचीन काल चली आ रही रक्षाबंधन की परंपरा को एक दंपति ने वैदिक राखी के माध्यम से दोबारा शुरू करने का प्रयास किया है. पूजन में प्रयोग होने वाले अक्षत, हल्दी, दूर्वा, शमी पत्र, कुमकुम और गाय के गोबर से तैयार वैदिक राखियां भाइयों की कलाई की शोभा बढ़ाएंगी. यह भाई बहन के प्यार को और प्रगाढ़ बनाएंगी.Also Read - Raksha Bandhan Special Horoscope (Aaj Ka Rashifal) आज का राशिफल: मेष राशि के भाइयों की कलाई पर लाल रंग की राखी बांधें बहनें, जानिए अपना शुभ रंग

विंध्याचल स्थित महिला प्रबोधिनी फाउंडेशन की ओर से ग्रामीण महिलाओं द्वारा वैदिक राखी तैयार की जा रही है. यहां की महिलाएं लोगों को वैदिक राखी बनाकर रक्षाबंधन पर्व पर बांधने के लिए प्रेरित कर रही हैं. इसे पूजा में प्रयोग होने वाले अक्षत, हल्दी, दूर्वा, और शमी पत्र से तैयार किया जा रहा है. Also Read - Happy Raksha Bandhan 2021: WhatsApp Stickers भेजकर अपने भाई-बहन को दें शुभकामनाएं

महिला प्रबोधिनी फाउंडेशन की अध्यक्ष नंदिनी मिश्रा ने बताया, “कोरोना संकट से लोगों को धर्म शास्त्रों में वर्णित जीवन पद्धति के प्रति आस्था बहुत ही तेजी से बढ़ी है. ऐसे में विन्ध्याचल में स्वयं सहायता समूहों की कुछ ग्रामीण महिलाओं ने वैदिक राखी का निर्माण शुरू किया है. वैदिक राखी का निर्माण सनातन धर्म संस्कृति में वर्णित प्राकृतिक तत्वों में मौजूद औषधीय गुणों पर आधारित है.” Also Read - Raksha Bandhan 2021 Messages: इन शानदार मैसेजेस के जरिए भाई को कहें 'हैप्पी रक्षा बंधन', रिश्ता हो जाएगा और भी मजबूत

उन्होंने कहा, “वैदिक राखी को पंच प्राकृतिक तत्वों – दूर्वा , चंदन, शमी पत्र, अक्षत, कुम कुम का प्रयोग करके बनाया गया है’.

वैदिक राखी
वैदिक राखी का आधार गाय के गोबर से तैयार किया जाता है. इसमें उरद दाल का चूर्ण, गोंद और मुल्तानी मिट्टी मिलाकर सूती कपड़े में बेस बनाकर इसे सुखाया जाता है. इसके बाद इसको पेंसिल से डिजाइन काटा जाता है. उसी डिजाइन में शमी के पत्ते को बिछाया जाता है.

इसमें हल्दी, चंदन, कुमकुम का पेस्ट लगाया जाता है. इसमें भी उड़द और गोंद का मिश्रण लगाया जाता है. फिर सूखा लिया जाता है. इसके बाद सीट तैयार हो जाती है. इसे कैंची से काट कर तैयार कर लिया जाता है. कलावा राखी के पीछे लगा दिया जाता है.