बच्‍चों को एक बार Video Game खेलने की आदत पड़ जाए तो उसे छुड़ाना मुश्किल होता है. कैसे बच्‍चों को इससे दूर करें, लोग इसी कवायद में लगे रहते हैं. Also Read - Osama bin Laden’s computers had a collection of viral YouTube videos and sexy video games | लादेन के कंप्यूटर में मिले 1 लाख से ज्यादा वीडियो, सेक्स वीडियो गेम्स से दूर करता था बोरियत

पर क्‍या आप सोचते हैं कि पेरेंट्स वीडियो गेम्‍स खेलने को अच्‍छा मान सकते हैं. शायद आपको इस पर यकीन ना हो, पर यही सच है. हाल ही में किए गए एक शोध में ये बात सामने आई है.

शोध में खुलासा

इस शोध में कहा गया है कि वीडियो गेम्स को लेकर 71 प्रतिशत अभिभावकों को लगता है कि यह उनके बच्चों के लिए ये अच्छे हैं. इससे उनपर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा, जबकि 44 प्रतिशत ने माना कि उन्होंने वीडियो गेम सामग्री को प्रतिबंधित करने का प्रयास किया है.

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एक नेट के शोध में यह जानकारी सामने आई है. अमेरिका में सीएस मोट्ट चिल्ड्रन्स हॉस्पिटल नेशनल पोल ऑफ चिल्ड्रन्स हेल्थ के अनुसार, 86 प्रतिशत माता-पिता इस बात से सहमत हैं कि किशोर अवस्था के बच्चे बहुत अधिक समय गेमिंग को देते हैं. अभिभावकों ने लड़कियों की तुलना में किशोर लड़कों के लिए बहुत अलग गेमिंग पैटर्न की जानकारी दी.

यही नहीं शोधकर्ताओं ने शोध रिपोर्ट में इस पर हैरानी भी जताई कि अभिभावक ऐसा मान रहे हैं. वे इस सोच को लेकर चिंतित दिखे. लड़कियों की तुलना में लड़कों के माता-पिता (दोगुना से अधिक) ने कहा कि उनके लड़के प्रतिदिन गेम खेलते हैं. वे तीन से अधिक घंटे गेम खेलने में बिताते हैं.

मिशिगन यूनिवर्सिटी की पोल को-निदेशक गैरी फ्रीड ने कहा, “हालांकि कई अभिभावकों ने गेम्स को अपने बच्चों के लिए अच्छा बताया है, वहीं उन्होंने अधिक समय तक गेंमिग को लेकर नकारात्मक प्रभाव की बात भी कही है. पर ऐसे पेरेंट्स की संख्‍या काफी कम है.”
(एजेंसी से इनपुट)

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