अक्‍सर डॉक्‍टर्स, कपल्‍स को सेक्‍स के बाद साफ-सफाई रखने की सलाह देते हैं. जो लोग इसका ध्‍यान नहीं देते, उन्‍हें इन्‍फेक्‍शन की समस्‍या होती है.

पर शायद वे लोग ये नहीं जानते कि इस दौरान वे एक वायरस के अटैक का शिकार भी हो सकते हैं. ये इतना खतरनाक होता है कि इसकी वजह से कैंसर तक हो जाता है.

नाम है एचपीवी (HPV) यानी ह्यूमन पेपिलोमा वायरस. कई बार तो इसके लक्षण भी नहीं दिखते. यह वायरस बहुत तेजी से फैलता है.

80 फीसदी लोग खतरे में!
डॉक्‍टर्स कहते हैं कि सेक्स करने वाले कम से कम 80 फीसदी महिला और पुरुष को अपने जीवन में इस वायरस के संक्रमण का सामना करना पड़ता है. इसलिए ह्यूमन पेपिलोमा वायरस से कैसे बचा जाए, इस बात की जानकारी होना बहुत जरूरी है.

कैसे फैलता है
ह्यूमन पेपिलोमा वायरस सेक्स और ओरल सेक्स के जरिए से फैलता है. इसके अलावा सेक्स करने के दौरान पेनिस पर कंडोम सही से नहीं चढ़ा है तो यह वायरस संक्रमित कर सकता है.

HPV के लक्षण
कई बार तो संक्रमित व्यक्ति में लक्षण नजर आ जाते हैं, लेकिन ऐसा भी होता है कि लक्षण दिखते ही नहीं. इसमें शरीर के विभिन्न हिस्से में मस्से जैसे बनना सबसे प्रमुख है. ये विभिन्न प्रकार के होते हैं- जिनाइटल वॉर्ट्स, कॉमन वॉर्ट्स, प्लैंटर वॉर्ट्स यानी तलवे का मस्सा और फ्लैट वॉर्ट्स.

कैंसर का खतरा
इस वायरस से 6 प्रकार का कैंसर हो सकता है. यह वायरस सर्वाइकल कैंसर से लेकर पेनिस, वजाइना, एनस और ओरोफेरिन्क्स के कैंसर का कारण बनता है.

किन्‍हें ज्‍यादा खतरा

– जो अधिक शराब पीते हैं.

– बढ़ती उम्र के साथ पुरुषों में अधिक खतरा रहता है.

– एक से अधिक लोगों के साथ यौन संबंध बनाने वालों में वायरस फैलता है.

– जिन लोगों का इम्यून सिस्टम कमजोर होता है.

क्‍या है बचाव के उपाय
सबसे पहली बात ये ध्‍यान रखें कि मल्‍टीपल पार्टनर्स न रखें. सेक्‍स के बाद साफ-सफाई का पूरा ध्‍यान रखें. किसी भी तरह के नए मस्‍से होने पर डॉक्‍टर्स से मिलें. युवाओं के लिए एचपीवी वायरस से बचने का टीका उपलब्ध है.

महिलाओं के लिए खास बात
महिलाओं को इससे गर्भाशय कैंसर होने का खतरा होता है. अगर गर्भाशय में असामान्य कोशिकाएं पनप रही हैं और इस बात का पता चल जाए तो इलाज संभव है. वहीं, एक्सपर्ट्स का सुझाव है कि महिलाओं को टेस्ट करवाते रहना चाहिए. एक रिपोर्ट के मुतबिक गर्भाशय कैंसर के अधिकतर मामले एचपीवी के कारण होते हैं.