नई दिल्ली:  आजकल की बिजी लाइफस्टाइल के चलते महिलाएं देरी से शादी करती हैं. जिस कारण उनके बच्चे भी काफी देरी से होते हैं. कम उम्र में अधिकतर महिलाएं काफी करियर ऑरिएंटेंड होती हैं और शादी और बच्चों के बारे में नहीं सोचतीं. लेकिन उम्र बढ़ने के साथ ही उन्हें बच्चों की कमी महसूस होने लगती है. लेकिन एक उम्र बढ़ने के साथ ही महिलाओं को बच्चों की कमी महसूस होने लगती हैं. 30 की उम्र के बाद शादी करने के बाद बेबी प्लानिंग में भी समय लग जाता है. साथ ही इस उम्र में बच्चा पैदा करने में काफी जोखिम उठाना पड़ता है. कई विशेषज्ञों की माने तो महिलाएं 35 की उम्र के बाद बिना किसी चिंता के बच्चे की प्लानिंग कर सकती हैं, लेकिन इस समय उन्हें कई बातों का ख्याल रखना होगा. आइए जानते हैं कि उन्हें किन-किन बातों की विशेष सावधानी रखना चाहिए. Also Read - Ashwagandha Side Effects In Hindi: इन 3 तरह के लोगों के लिए जहर की तरह काम करता है अश्वगंधा, हो जाएं सावधान...

कैफीनयुक्त पदार्थों का ना करें सेवन- गर्भधारण का सोच रही हैं तो चाय-कॉफी जैसे सभी कैफीनयुक्त पदार्थ लेना कम कर दें, क्योंकि कैफीन के ज्यादा सेवन से गर्भपात होने का खतरा होता है. Also Read - Health Tips: जानें सर्दियों में क्यों खाना चाहिए कम नमक, इन बीमारियों से रहेंगे कोसों दूर

वजन बढ़ने ना दें- वजन को नियंत्रित रखना बेहद जरूरी है क्योंकि असंतुलित वजन होने पर हार्मोन्स पर भी प्रभाव पड़ता है, जिससे ओव्यूलेशन की प्रक्रिया प्रभावित होती है. यह स्थिति अत्यधिक वजन बढ़ने और कम होने दोनों में ही हो सकती है. Also Read - Vitamin C Side Effects: इम्यूनिटी बढ़ाने के चक्कर में ज्यादा ना करें 'विटामिन सी' का सेवन, होंगी ये समस्याएं

नियमित व्यायाम – नियमित रूप से आहार में प्रोटीन, विटामिन से भरपूर चीजों को शामिल करते हैं तो इससे शरीर का सिस्टम सुधरेगा और साथ नियमित रूप से व्यायाम करने से भी स्वास्थ्य बेहतर होगा.

धूम्रपान और शराब को कहें ना- धूम्रपान और शराब जैसी चीजों के कारण प्रजनन क्षमता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है. निकोटिन अंडाशय और गर्भाशय को हानि पहुंचाते हैं. इससे अंडाणुओं की गुणवत्ता भी खराब होती है, जिससे प्रजनन क्षमता कम हो जाती है.