वैज्ञानिक हमेशा नई तरह की दवाएं विकसित करते रहते हैं. अब जो नई दवा विकसित करने में उन्‍हें कामयाबी मिली है वो ततैये के जहर से बनाई गई है. Also Read - Bigg Boss 13: सलमान खान की फैमिली चाहती है वो ये शो छोड़ दें, अब 'भाईजान' क्या करेंगे?

Also Read - कम सोने से लोग हो जाते हैं मोटे, हेल्‍थ का होता है बुरा हाल...

इसे विकसित किया है मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के वैज्ञानिकों ने. दक्षिण अमेरिका में पाए जाने वाले बर्रे के जहर से इस एंटीबायोटिक को विकसित किया गया है. Also Read - फोन पर गेम खेलता रहता है बच्‍चा! जानें उसकी सेहत पर क्‍या असर होता है...

खुशखबरी: अब Blood Test से होगी अल्जाइमर की जांच, ऐसी होगी नई तकनीक…

खास बात ये है कि ये जहर कीटाणुओं को तो मार सकता है लेकिन इंसानी कोशिकाओं के लिए यह जहरीला नहीं है. यानी इसके सेवन का केवल सकारात्‍मक असर ही होगा.

इस शोध की रिपोर्ट को ‘नेचर कम्युनिकेशन बायोलॉजी’ में प्रकाशित किया गया है. शोध की रिपोर्ट के अनुसार, बर्रे और मधुमक्खियों में ऐसे यौगिक पाये जाते हैं जो कीटाणुओं को मारने वाले होते हैं. हालांकि इनमें से कई यौगिक इंसानों के लिए भी जहरीले होते हैं जिसकी वजह से इसका इस्तेमाल प्रतिजैविक दवाइयों के रूप में करना असंभव हो जाता है.

Vitamin D की कमी से होती है ये मानसिक बीमारी, वैज्ञानिकों ने कही ये बात…

जब इस नई दवा का इस्‍तेमाल चूहों पर किया गया तो अनुसंधानकर्ताओं ने पाया कि श्वास संबंधी या संक्रमण संबंधित दिक्कत पैदा करने वाले कीटाणुओं पर इसका इलाज किया जा सकता है.

(एजेंसी से इनपुट)

लाइफस्टाइल की और खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.