नई दिल्ली: बहुत से लोग हमारे आस-पास ऐसे है जो मोटापे की समस्या से काफी परेशान होते हैं. हीं कुछ लोग ऐसे भी है जो होते तो पतले हैं लेकिन उनके हिप, थाइस काफी मोटे होते हैं. इसके लिए लोग कई जिम जाते हैं और वर्कआउट भी करते हैं. कई लोग इसके लिए घरेलू उपाय भी अपनाते हैं लेकिन फिर भी इसमें कोई फायदा नजर नहीं आता. आज हम आपको कुछ ऐसे उपाय बताने जा रहे हैं जिनकी मदद से आप आसानी से चर्बी को कम कर सकते हैं. आइए जानते हैं.
बटर फ्लाई आसन (तितली आसन)
यह आसन करने के लिए दंडासन में बैठ जायें. घुटनों को मोड़ें और पैरों के तलवों को एक दूसरे से मिलायें, और जितना संभव हो एडियों को शरीर के करीब ले जायें. धीरे-धीरे घुटनों को ऊपर और नीचे उछालें, ज़रूरत हो तो घुटनों को नीचे दबाने के लिए कोहनी का उपयोग करें. दंडासन में बैठ जायें. घुटनों को मोड़ें और पैरों के तलवों को एक दूसरे से मिलायें, और जितना संभव हो एडियों को शरीर के करीब ले जायें. धीरे-धीरे घुटनों को ऊपर और नीचे उछालें, ज़रूरत हो तो घुटनों को नीचे दबाने के लिए कोहनी का उपयोग करें.
तितली आसन के फायदे
– माहवारी के दौरान कई महिलाओं को पेट, कमर और पूरे शरीर में तेज दर्द होता है. तितली आसन मासिक धर्म में होने वाली समस्याओं को दूर करता है.
– जो महिलाएं गर्भावस्था के दौरान रोज तितली आसन का अभ्यास करती हैं, उन्हें डिलीवरी के दौरान बाकी महिलाओं की तुलना में कम दर्द होता है.
– कई महिलाएं रसोई में काम करने के दौरान लंबे समय तक खड़ी रहती हैं. इस वजह से उन्हें पैरों में दर्द की समस्या जकड़ लेती है. तितली आसन करने से जांघों की मांसपेशियों में देर तक खड़े रहने से आया तनाव और खिंचाव दूर होता है.
– तितली आसन करने से रक्त प्रवाह बेहतर होता है और शरीर से विषाक्त पदार्थ बाहर निकल जाते हैं. ये आसन खुश रहने वाले यानी हैप्पी हार्मोन के रिलीज को बढ़ाता है जिससे महिलाओं को मूड स्विंग्स की परेशानी से राहत मिलती है.
मलासन (स्क्वॉट पोजिशन)
मल+आसन अर्थात मल निकालते वक्त हम जिस अवस्था में बैठते हैं उसे मलासन कहते हैं. बैठने की यह स्थति पेट और पीठ के लिए बहुत ही लाभदायक रहती है. दोनों घुटनों को मोड़ते हुए मल त्याग करने वाली अवस्था में बैठ जाएं. फिर दाएं हाथ की कांख को दाएं और बाएं हाथ की कांख को बाएं घुटने पर टिकाते हुए दोनों हाथ को मिला दें (नमस्कार मुद्रा). उक्त स्थिति में कुछ देर तक रहने के बाद सामान्य स्थिति में आ जाएं.
मलासन के लाभ
– इस आसन में बैठने से आपके पेट एवं कमर को काफी फायदा पहुचता है.
– इसे नियमित तौर पर करने से कब्ज़, गैस, एसिडिटी जैसी दिक्कते ठीक होती है.
– यह आपके पेट के विकारों को दूर करता है| साथ ही इससे अब्डोमिनल नसों को भी मजबूती मिलती है.
– यदि रोज इसका अभ्यास किया जाये तो कमर, घुटने, मेरुदंड की मांसपेशिया लचीली बनती है और दर्द से भी छुटकारा मिलता है.
– जिससे कि पेट में तनाव उत्पन्न होता है एवं पेट का दर्द भी काफी हद तक कम हो जाता है.
– मलासन से घुटनों, जोड़ों, पीठ और पेट का तनाव खत्म होकर उनका दर्द मिटता है
– इससे पेट की चर्बी भी कम होती है. यदि आप सपाट पेट पाना चाहते है तो इसे जरुर करें.
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