
Shweta Bajpai
नमस्कार, मैं श्वेता बाजपेई, वर्तमान में India.com हिंदी में चीफ सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हूं. हिंदी पत्रकारिता में लगभग 10 वर्षों के अनुभव के दौरान मैंने लाइफस्टाइल, हेल्थ, एंटरटेनमेंट ... और पढ़ें
किडनी हमारे शरीर का बेहद महत्वपूर्ण अंग माना जाता है, शरीर में मौजूद गंदगी और अतिरिक्त पानी को बाहर निकालने का काम किडनी करती है. इसके साथ ही यह शरीर में नमक, मिनरल और ब्लड प्रेशर को संतुलित रखने में भी मदद करती है, लेकिन आज की खराब लाइफस्टाइल, गलत खानपान, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और कम पानी पीने जैसी आदतों के कारण किडनी से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं. सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि किडनी खराब होने की शुरुआत में कई बार लक्षण बहुत सामान्य होते हैं, जिन्हें लोग नजरअंदाज कर देते हैं, ऐसे में आज हम डॉ. सुमोल रत्ना (सहायक प्रोफेसर, चिकित्सा विभाग, एनआईआईएमएस मेडिकल कॉलेज और अस्पताल, ग्रेटर नोएडा) से जानेंगे कि किडनी खराब होने पर सबसे पहले क्या लक्षण दिखता है.
किडनी खराब होने का सबसे पहला लक्षण क्या होता है?
डॉ. सुमोल रत्ना ने बताया कि किडनी खराब होने का सबसे शुरुआती और सामान्य लक्षण होता है, बार-बार थकान महसूस होना और शरीर में कमजोरी आना इस लक्षण पर हमें तुरंत ध्यान देना चाहिए, जब किडनी ठीक तरह से काम नहीं करती, तब शरीर में गंदगी जमा होने लगती है. इससे व्यक्ति को हर समय थकावट, सुस्ती और कमजोरी महसूस हो सकती है.
इसके अलावा कुछ लोगों में शुरुआत में ये लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं:
हालांकि ये सभी लक्षण हर व्यक्ति में एक जैसे नहीं होते. कई बार शुरुआती स्टेज में कोई स्पष्ट परेशानी महसूस नहीं होती और बीमारी धीरे-धीरे बढ़ती रहती है.
पेशाब में बदलाव को बिल्कुल नजरअंदाज न करें-
किडनी की खराब होने पर का सबसे महत्वपूर्ण संकेत पेशाब से जुड़ा होता है, अगर आपको इन समस्याओं का अनुभव हो रहा है, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए:
कई बार लोग इसे सामान्य संक्रमण समझकर अनदेखा कर देते हैं, लेकिन यह किडनी की बीमारी का शुरुआती संकेत हो सकता है
शरीर में सूजन क्यों आती है?
डॉ. सुमोल रत्ना ने बताया कि जब किडनी सही तरीके से काम नहीं करती, तो शरीर से अतिरिक्त पानी और नमक बाहर नहीं निकल पाता. इससे शरीर में सूजन आने लगती है. शुरुआत में सूजन पैरों और टखनों में दिखाई देती है. कुछ लोगों के चेहरे और आंखों के आसपास भी सूजन हो सकती है अगर सुबह उठने पर आंखों के नीचे लगातार सूजन दिखाई दे रही है, तो इसे सामान्य थकान समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.
किन लोगों को ज्यादा खतरा होता है?
कुछ लोगों में किडनी खराब होने का खतरा अधिक होता है, ऐसे लोगों को नियमित जांच करवानी चाहिए:
डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर किडनी खराब होने के सबसे बड़े कारणों में शामिल हैं
कब करवानी चाहिए किडनी की जांच?
अगर शरीर में ऊपर बताए गए लक्षण लगातार दिखाई दे रहे हैं, तो जांच करवाने में देरी नहीं करनी चाहिए. विशेष रूप से इन स्थितियों में तुरंत टेस्ट जरूरी हो जाता है:
शुरुआती जांच में डॉक्टर कुछ सामान्य टेस्ट करवाने की सलाह देते हैं:
1. यूरिन टेस्ट
इससे पता चलता है कि पेशाब में प्रोटीन या खून तो नहीं है
2. ब्लड टेस्ट
क्रिएटिनिन और यूरिया की जांच से किडनी की कार्यक्षमता का पता चलता है
3. जीएफआर टेस्ट
यह जांच बताती है कि किडनी कितनी अच्छी तरह काम कर रही है
4. अल्ट्रासाउंड
इससे किडनी की संरचना और आकार की जानकारी मिलती है
क्या किडनी खराब होने को रोका जा सकता है?
हां, सही समय पर सावधानी बरतकर किडनी को लंबे समय तक स्वस्थ रखा जा सकता है, इसके लिए कुछ जरूरी बातें ध्यान में रखनी चाहिए
पर्याप्त पानी पिएं
शरीर को हाइड्रेट रखना बहुत जरूरी है, हालांकि जिन लोगों को पहले से किडनी की बीमारी है, उन्हें पानी की मात्रा डॉक्टर की सलाह के अनुसार लेनी चाहिए.
नियमित जांच करवाएं
अगर आपकी उम्र 40 साल से ज्यादा है या आप डायबिटीज और हाई बीपी के मरीज हैं, तो साल में कम से कम एक बार किडनी जांच जरूर करवानी चाहिए.
क्या शुरुआती इलाज से किडनी बच सकती है?
अगर बीमारी की पहचान शुरुआती स्टेज में हो जाए, तो सही इलाज और जीवनशैली में बदलाव से किडनी को गंभीर नुकसान से बचाया जा सकता है, लेकिन अगर लंबे समय तक लक्षणों को नजरअंदाज किया जाए, तो स्थिति डायलिसिस या किडनी ट्रांसप्लांट तक पहुंच सकती है. इसीलिए शरीर के छोटे-छोटे संकेतों को समझना बहुत जरूरी है. कई बार साधारण दिखने वाली थकान या सूजन किसी बड़ी बीमारी का संकेत हो सकती है.
किडनी हमारे शरीर का बेहद महत्वपूर्ण अंग है, लेकिन इसकी बीमारी अक्सर चुपचाप बढ़ती रहती है. बार-बार थकान, पेशाब में बदलाव, शरीर में सूजन और कमजोरी जैसे संकेतों को हल्के में नहीं लेना चाहिए. खासतौर पर डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर वाले लोगों को नियमित जांच करवानी चाहिए. समय पर पहचान और सही जीवनशैली अपनाकर किडनी को लंबे समय तक स्वस्थ रखा जा सकता है. इसलिए अगर शरीर लगातार कोई असामान्य संकेत दे रहा है, तो डॉक्टर से सलाह लेने में देरी न करें.
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