दुनिया भर में ई-सिगरेट पीने का चलन बढ़ रहा है. इसे धूम्रपान (Smoking) के नए ट्रेंड के तौर पर देखा जा रहा है. अमेरिका में ये पहले से ही ‘महामारी’ की तरह फैल चुका है.

अमेरिका की फेडरल एजेंसियों ने तो इस बात की पुष्टि कर दी है कि उनके देश में युवाओं द्वारा ई-सिगरेट के इस्तेमाल में बहुत अधिक बढ़ोतरी हुई है.

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क्या कहते हैं आंकड़े
अमेरिकी खाद्य व औषधि प्रशासन (FDA) और सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) ने आंकड़े जारी कर ये बात कही है. 2018 के राष्ट्रीय युवा तंबाकू सर्वेक्षण के अनुसार, अमेरिका के मिडिल व हाईस्कूल के करीब 36 लाख छात्र ई-सिगरेट का इस्तेमाल कर रहे हैं. इसमें से 15 लाख छात्र एक साल से ज्यादा समय से ई-सिगरेट का इस्तेमाल कर रहे हैं. सर्वेक्षण के अनुसार, साल 2017 से 2018 तक हाईस्कूल के छात्रों में ई-सिगरेट का इस्तेमाल 78 फीसदी बढ़ा है व मिडिल स्कूल के छात्रों में 48 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है.

E-cigarette Vs cigarette

अमेरिका में ‘महामारी’
FDA आयुक्त स्कॉट गोटलिब ने एक खुला पत्र जारी कर कहा है कि युवाओं में ई-सिगरेट का इस्तेमाल ‘महामारी’ की तरह फैला है. उन्होंने कहा है कि इसे हर हाल में रोका जाना चाहिए. बच्चों की एक पूरी पीढ़ी को ई-सिगरेट के जरिए निकोटिन का आदी बनाने की इजाजत किसी भी हाल में नहीं दी जानी चाहिए.

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क्या है ई-सिगरेट
ई-सिगरेट को इलेक्ट्रानिक सिगरेट भी कहा जाता है. इसे कई लोग पीवी या पर्सनल वेपोराइजर भी कहते हैं. ई-सिगरेट एक इलेक्ट्रॉनिक इनहेलर होता है. इसमें मौजूद लिक्विड को एक खास तरह की प्रक्रिया के द्वारा भाप में बदल दिया जाता है. इससे पीने वाले को उसी तरह का एहसास होता है, जो सिगरेट पीने वाले को होता है.

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