दुनिया भर में ई-सिगरेट (E-Cigarettes, E-Hukka) पीने का चलन बढ़ रहा है. इसे धूम्रपान (Smoking) के नए ट्रेंड के तौर पर देखा जा रहा है. अमेरिका में ये पहले से ही ‘महामारी’ की तरह फैल चुका है. भारत में इस बार प्रतिबंध लगाया गया है.

पर क्‍या आप जानते हैं कि ये ई-सिगरेट क्‍या चीज है? इसके माध्‍यम से कैसे धूम्रपान संभव है.

क्या है ई-सिगरेट, ई-हुक्का
ई-सिगरेट को इलेक्ट्रानिक सिगरेट भी कहा जाता है. इसे कई लोग पीवी या पर्सनल वेपोराइजर भी कहते हैं. ई-सिगरेट एक इलेक्ट्रॉनिक इनहेलर होता है. इसमें मौजूद लिक्विड को एक खास तरह की प्रक्रिया के द्वारा भाप में बदल दिया जाता है. इससे पीने वाले को उसी तरह का एहसास होता है, जो सिगरेट पीने वाले को होता है. ई-सिगरेट की ही तरह ई-हुक्‍के से लोग धूम्रपान करते हैं.

कैसे होता है असर
विशेषज्ञ कहते हैं कि ई-सिगरेट बेहद खतरनाक है. इसे लगातार पीने से कैंसर, अस्थमा, फेफड़ों की खराबी, हृदय रोग जैसी खतरनाक बीमारियां हो सकती हैं. ई-सिगरेट एक तरह का इलेक्ट्रॉनिक इन्हेलर है. इसमें निकोटीन और दूसरे लिक्विड भरे जाते हैं. इन लिक्विड्स में केमिकल भरा होता है. इन्हेलर बैट्री की ऊर्जा से इस लिक्विड को भाप में बदलता है. इससे पीने वाले को सिगरेट जैसा अहसास होता है.

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अमेरिका में महामारी
FDA आयुक्त स्कॉट गोटलिब ने एक खुला पत्र जारी कर कहा है कि युवाओं में ई-सिगरेट का इस्तेमाल ‘महामारी’ की तरह फैला है. उन्होंने कहा है कि इसे हर हाल में रोका जाना चाहिए. बच्चों की एक पूरी पीढ़ी को ई-सिगरेट के जरिए निकोटिन का आदी बनाने की इजाजत किसी भी हाल में नहीं दी जानी चाहिए.

अमेरिकी खाद्य व औषधि प्रशासन (FDA) और सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) ने आंकड़े जारी कर ये बात कही है. 2018 के राष्ट्रीय युवा तंबाकू सर्वेक्षण के अनुसार, अमेरिका के मिडिल व हाईस्कूल के करीब 36 लाख छात्र ई-सिगरेट का इस्तेमाल कर रहे हैं. इसमें से 15 लाख छात्र एक साल से ज्यादा समय से ई-सिगरेट का इस्तेमाल कर रहे हैं. सर्वेक्षण के अनुसार, साल 2017 से 2018 तक हाईस्कूल के छात्रों में ई-सिगरेट का इस्तेमाल 78 फीसदी बढ़ा है व मिडिल स्कूल के छात्रों में 48 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है.

ई-सिगरेट, ई-हुक्का पीना अब बड़ा अपराध, पहली बार पकड़े जाने पर एक साल की जेल या एक लाख का जुर्माना

भारत में प्रतिबंध
केंद्र सरकार ने ई-सिगरेट, ई-हुक्का (E-Cigarettes, E-Hukka) पर प्रतिबंध लगा दिया है. पहली बार पीते हुए पकड़े जाने या बरामद होने पर एक साल की जेल या एक लाख रुपए का जुर्माना होगा. इसके बाद भी ई-सिगरेट और ई-हुक्का दोनों बरामद होने पर तीन साल की जेल या फिर पांच लाख का बड़ा जुर्माना वसूला जाएगा. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस पर मुहर भी लगा दी है.

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