घुटनों, कमर में दर्द कॉमन समस्‍या है. बुजुर्गों के अलावा यंग लोग भी इससे परेशान हैं.

यूं तो डॉक्‍टर्स जोड़ों में दर्द होने के कई कारण बताते हैं. इनमें से ज्‍यादातर खराब लाइफस्‍टाइल से जुड़े हैं.

पर अगर जोड़ों में दर्द रहता है तो एक जांच ऐसी है, जिसे तुरंत कराना चाहिए. ये जांच ऐसी है जो समय पर नहीं कराई जाए, तो इसकी कमी भारी पड़ सकती है.

ये है कैल्शियम की जांच. कैल्शियम हमारे शरीर में मजबूत हड्डियों के लिए जिम्‍मेदार माना जाता है.

डॉक्‍टर्स कहते हैं कि कैल्शियम कम होने का पहला लक्षण होता है हड्डियों में दर्द और अकड़न. अक्‍सर लोग इसे थकावट की वजह से होने वाली समस्‍या मानते हैं और जांच नहीं कराते. इससे ये समस्‍या इतनी बढ़ जाती है कि चलना तक मुश्किल हो जाता है.

मसल्स के निर्माण में कैल्शियम की अहम भूमिका होती है. शरीर में कैल्शियम की कमी होने पर इसका सीधा असर मांसपेशियों पर पड़ता है और उनमें खिंचाव होने लगता है. इसकी कमी से खासतौर पर जांघों और पिंडलियों में असहनीय दर्द होता है.

इसके अलावा कमजोर दांत, कमजोर नाखून, झुकी कमर, बालों का टूटना या झड़ना, अत्‍यधिक तनाव होना दिखता है.

कैल्शियम की कमी से हड्डियों और मांसपेशियों में दर्द रहने की वजह से शरीर में थकान होने लगती है. इस वजह से नींद न आना, डर लगना और तनाव जैसी समस्याएं होने लगती हैं. महिलाओं में बच्चे के जन्म के बाद अक्सर कैल्शियम की कमी हो जाती है और वे थकान महसूस करने लगती हैं.

रोग प्रतिरोधक क्षमता को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. कैल्शियम की होने पर व्यक्ति जल्दी जल्दी बीमार पड़ने लगता है.