महिलाओं को होने वाली एक बीमारी ऐसी है, जिसकी वजह से प्रेग्‍नेंसी के चांस घट जाते हैं. एक नए शोध में ये बात सामने आई है.

ये बीमारी है पेल्विक टीबी. एक नई रिपोर्ट में कहा गया है कि टीबी से ग्रस्त हर 10 महिलाओं में से दो गर्भधारण नहीं कर पातीं.

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रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि जननांगों की पेल्विक टीबी के 40-80 प्रतिशत मामले महिलाओं में देखे जाते हैं. डॉक्‍टर्स का कहना है कि अधिकतर वे लोग इसकी चपेट में आते हैं, जिनका इम्यून सिस्टम या रोग प्रतिरोधक तंत्र कमजोर होता है और जो संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आते हैं.

क्‍यों होती है ये बीमारी
इंदिरा आईवीएफ हॉस्पिटल की आईवीएफ विशेषज्ञ डॉ. सागरिका अग्रवाल का कहना है कि संक्रमित व्यक्ति जब खांसता या छींकता है तब बैक्‍टीरिया हवा में फैल जाते हैं और जब हम सांस लेते हैं यह हमारे फेफड़ों में प्रवेश कर जाते हैं. इसके अलावा संक्रमित व्यक्ति के साथ यौन संबंध बनाना भी जननांगों की पेल्विक टीबी होने का एक कारण है.

क्‍या होते हैं लक्षण
उन्होंने कहा, ‘चूंकि यह बैक्टीरिया चुपके से आक्रमण करने वाला है, इसलिए उन लक्षणों को पहचानना बहुत मुश्किल है कि पेल्विक टीबी महिलाओं में प्रजनन क्षमता को प्रभावित कर रही है. इसमें अनियमित मासिक चक्र, योनि से विसर्जन जिसमें रक्त के धब्बे भी होते हैं, यौन सबंधों के पश्चात दर्द होना जैसे लक्षण दिखाई देते हैं लेकिन कई मामलों में ये लक्षण (संक्रमण) काफी बढ़ जाने के पश्चात दिखाई देते हैं’.

क्‍या है ईलाज
डॉ. सागरिका ने कहा कि कई डॉक्टर इन नलियों को ठीक करने के लिए सर्जरी करते हैं, लेकिन यह कारगर नहीं होती. अंत में संतानोत्पत्ति के लिए इन-व्रिटो फर्टिलाइजेशन की सहायता लेनी पड़ती है. उन वयस्कों में पेल्विक टीबी का संक्रमण जल्दी फैलता है जो कुपोषण के शिकार होते हैं, क्योंकि इनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है. इसलिए उपचार के दौरान खानपान एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.

क्‍या खाएं
ऐसे लोगों को एटरैटेड प्रोडक्ट्स, एल्कोहल, संसाधित मांस और मीठी चीजों जैसे पाई, कप केक आदि के सेवन से बचना चाहिए. भोजन में पत्तेदार सब्जियां, विटामिन डी और आयरन के सप्लीमेंट्स, साबुत अनाज और असंतृप्त वसा होना चाहिए.
(एजेंसी से इनपुट)

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