शाम को स्‍नैक्‍स की क्रेविंग होते ही लोग कुछ भी खाने लगते हैं. फास्‍ट फूड से लेकर बिस्किट-नमकीन तक. पर क्‍या आपने कभी सोचा है कि स्‍नैक्‍स में क्‍या खाना चाहिए और क्‍या नहीं.

पहले तो ये जान लें कि एक नए अध्ययन में संकेत मिला है कि जो कर्मचारी कार्यस्थल पर अस्वास्थ्यकर भोजन खाते हैं, ऐसे लोगों में डायबिटीज और दिल की बीमारियों का खतरा अधिक होता है. चिकित्सक की सलाह है कि कार्यस्थल पर जंक फूड की जगह फास्ट फूड को तरजीह दें.

डॉक्‍टर्स कहते हैं कि जंक फूड की जगह फल, दूध, दही, सलाद, ड्राइफ्रूट्स, सत्तू, नींबू पानी, गन्ने का रस या शहद लेना चाहिए.

क्‍या खाएं-क्‍या नहीं

* कम खाएं और धीरे-धीरे खाकर अपने भोजन का आनंद लें.

* अपनी आधी थाली फल और सब्जियों से भरें.

* बड़े कौर न खाएं, उनकी वजह से वजन बढ़ सकता है.

* कम से कम आधा अनाज साबुत होना चाहिए.

* ट्रांस फैट और चीनी की अधिकता वाली चीजें न खाएं.

* स्वस्थ वसा चुनें. वसा रहित या कम वसा वाले दूध और डेयरी उत्पादों का उपयोग करें.

* खूब पानी पीएं. शर्करा युक्त पेय से बचें.

* उन खाद्य पदार्थों से बचें, जिनमें सोडियम का स्तर उच्च होता है, जैसे स्नैक्स और प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ.