हमारे जीवन में अक्‍सर ऐसा होता है कि हम कोई गलती करके ही उससे सीख लेते हैं. हम जब धोखा खाते हैं तभी ये समझ आता है कि हमें ये काम नहीं करना चाहिए. Also Read - Life Secrets: कौन सी ऐसी बातें हैं, जो कभी किसी को नहीं बतानी चाहिए?

पर हम अगर चाहे तो पहले ही सचेत हो सकते हैं. इसके लिए बस हमें चाणक्‍य नीति को समझना होगा. चाणक्‍य नीति में जीवन को लेकर कई बातें कही गई हैं. Also Read - NCP नेता ने अमित शाह पर साधा निशाना, कहा- शरद पवार ने भारतीय राजनीति के चाणक्य को दी मात

ये तो आप सब जानते ही हैं कि चाणक्‍य को कूटनीतिज्ञ माना जाता है. उनकी सीखों को लाग आज भी मानते हैं. Also Read - congress leader ahmed patel political journey | चक्रव्यूह तोड़कर चुनाव जीते अहमद पटेल, जानिए कांग्रेस के 'किंगमेकर' का सफर

चाणक्य की नीतियां मित्र, शत्रु, धन, स्वास्थ्य आदि जीवन के कई विषयों पर है. इन नीतियों के तहत ही ये भी बताया गया है कि इंसान को किन जगहों पर कभी नहीं रुकना चाहिए.

इसके लिए चाणक्‍य नीति में ये श्‍लोक है-

यस्मिन देशे न सम्मानो न वृत्तिर्न च बांधव:।
न च विद्यागमोऽप्यस्ति वासस्तत्र न कारयेत्।।

इस संस्कृत श्लोक का अर्थ है-

जिस देश में सम्मान ना हो, ना रोजी-रोटी हो, ना कोई मित्र या भाई या रिश्तेदार हो, जहां विद्या ना हो, जहां कोई गुण ना हो, वैसे स्थानों पर निवास नहीं करना चाहिए. इन जगहों को तुरंत छोड़ देना चाहिए.

आचार्य चाणक्य कहते हैं जिस जगह हमें आदर-सम्मान ना मिले, जिस स्थान पर पैसा कमाने का कोई साधन ना हो, जहां हमारा कोई मित्र या रिश्तेदार ना हो, जहां कोई ज्ञान ना हो और जहां कोई गुण या अच्छे कार्य ना हो, वैसे स्थानों को तुरंत छोड़ देना चाहिए.