Christmas हो और Santa Claus का जिक्र ना हो, भला ऐसा कैसे हो सकता है. तोहफे लिए सांता क्‍लॉज भला किसे नहीं पसंद आते होंगे. पर क्‍या आपको पता है कि सांता हैं कौन? कहां से आते हैं?

ऐसा कहा जाता है कि संत निकोलस को ही सांता क्‍लॉज कहा जाता है. जीसस की मौत के 280 साल बाद मायरा में संत निकोलस का जन्म हुआ था. बचपन में माता-पिता के देहांत के बाद निकोलस को सिर्फ भगवान जीसस पर यकीन था. जब वे बड़े हुए तो उन्‍होंने जीसस को अपना जीवन अर्पित कर दिया.

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Santa Claus

पहले वे पादरी बने. फिर बिशप. उन्हें लोगो की मदद करना बेहद पसंद था. अक्‍सर गरीब बच्चो और लोगों को तोहफे देते थे. निकोलस को इस लिए संता कहा जाता है क्योंकि वह आधी रात को गिफ्ट दिया करते थे. ऐसा इसलिए कि कोई उन्‍हें पहचान ना सके.

फिर उनकी मौत के बाद ये माना जाने लगा कि वे क्रिसमस पर आधी रात को बच्‍चों को तोहफे देने आते हैं. इसके बाद से ये प्रथा चल पड़ी.

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जहां तक क्रिसमस ट्री की बात है तो ऐसा कहा जाता है कि जब ईसा का जन्म हुआ था तब सभी देवता उन्हें देखने और उनके माता-पिता को बधाई देने आए थे. उस दिन से आज तक हर क्रिसमस के मौके पर सदाबहार फर के पेड़ को सजाया जाता और इसे क्रिसमस ट्री कहा जाता है.

क्रिसमस ट्री को सजाने की शुरुआत करने वाला पहला व्यक्ति बोनिफेंस टुयो नामक एक अंग्रेज धर्मप्रचारक को माना जाता है.

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