नई दिल्‍ली: इस बार होलिका दहन के दिन भद्रा लग रहा है. ऐसी मान्यता है कि भद्रा में होलिका दहन नहीं किया जाता है. इसलिए भद्रा समाप्त होने के बाद होलिका दहन किया जाएगा. राजधानी पंचांग के अनुसार भद्रा काल रात 7:39 बजे खत्‍म हो रहा है. इसके बाद होलिका दहन किया जा सकता है. हालांकि होलिका पूजन सुबह 10:30 के बाद कभी भी कर सकते हैं. पंडित विनोद मिश्र के अनुसार होलिका पूजन यदि वृष लग्‍न और अभिजीत लग्‍न में हो तो शुभ माना जाता है. Also Read - VIDEO: मुंबई में होलिका की जगह जलाया गया कोरोनासुर का पुतला, लोग बोले- 'दूर भागेगा Virus'

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भद्रा काल में क्‍यों नहीं करते होलिका दहन

पंडित विनोद मिश्र के अनुसार भद्रा काल में होलिका दहन ना करने का विशेष कारण है. भद्रा का वास तीन जगह होता है, आकाश, पाताल, और मृत्‍युलोक में. अगर भद्रा आकाश और पाताल में है तो इस काल में होलिका दहन से कोई ज्‍यादा फर्क नहीं पड़ता. लेकिन भद्रा यदि मृत्‍युलोक में है तो इस काल में होलिका दहन करना काल बन सकता है.

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क्‍या होता है असर

होली से नये साल का शुभारंभ भी मानते हैं. ऐसे में भद्रा काल में होलिका दहन करने वाले लोगों का पूरा साल खराब जाता है. उनके साथ दुर्घटना होने की आशंका होती है. सेहत पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है. वहीं आर्थ‍िक स्‍थ‍िति पर भी प्रतिकूल प्रभाव होता है.