नई दिल्ली:  शारदीय नवरात्रि शुरु हो गए हैं. ऐसे में इन दिनों में लोग अनाज का सेवन नहीं करते बहैं और कुट्टू का आटा, सिंघाड़े का आटा या चौलाई का सेवन करते हैं. हम आपको कुट्टू कते आटे और सिंघाड़े के आटे के फायदों के बारे में तो बता ही चुके हैं. अब बारी है चौलाई की. व्रत के दौरान आपको कुछ ऐसे फूड्स की जरूरत होती है जो आपको अंदर से हेल्दी और फिट रखें ,ऐसे में चौलाई एक अच्छा ऑप्शन हो सकता है. वहीं सर्दियां आने में भी अब कुछ ही समय बाकी है ऐसे में इस मौसम में सर्दी-गर्मी के कारण खांसी, जुकाम, बुखार और इंफ्लूएंजा जैसी बीमारियां होना आम बात है. आज हम आपको बताते हैं कि कैसे आप व्रत और सर्दियों में चौलाई का सेवन कर सकते हैं और इसके क्या फायदे होते हैं.

क्या होती हैं चौलाई

आपको बता दें कि चौलाई एक प्लांट बेस्ड पौधा होता है. यह शाकाहारी होने के साथ ही पौष्टिक भी होती है. इसलिए व3त के दौरान ज्यादातर लोग इसका सेवन करते हैँ. व्रत और त्यौहारों में चौलाई के लड्डू, चौलाई की खीर, चौलाई की चिक्की आदि का सेवन किया जाता है. चौलाई के बीज काफी बारीक होते हैं और इसे कपाने के लिए पहने इसे कढ़ाई में भूना जाता है.

चौलाई के फायदे

– आयुर्वेद में चौलाई को अनेक रोगों में उपयोगी बताया गया है. सबसे बड़ा गुण सभी प्रकार के विषों का निवारण करना है, इसलिए इसे विषदन भी कहा जाता है. इसमें सोना धातु पाया जाता है जो किसी और साग-सब्जियों में नहीं पाया जाता.

– चौलाई को ग्लूटेन फ्री डाइट के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है. ग्लूटेन प्राकृतिक रूप से गेहूं, राई और जौ में पाया जाता है. कुछ मामलों में इसका सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है.

– हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए आप चौलाई को प्रयोग में ला सकते हैं. दरअसल, राजगिरा में कैल्शियम की भरपूर मात्रा पाई जाती है.

– चौलाई का सेवन डायबिटीज से बचे रहने के लिए भी किया जा सकता है. एक वैज्ञानिक अध्ययन में पता चला है कि राजगिरा और राजगिरा के तेल का सप्लीमेंट एंटीऑक्सीडेंट थेरेपी के रूप में काम कर सकता है, जो हाई ब्लड शुगर को ठीक करने और मधुमेह के जोखिम को रोकने में फायदेमंद साबित हो सकता है.

– कैंसर के जोखिम से बचने के लिए भी राजगिरा का इस्तेमाल फायदेमंद साबित हो सकता है. राजगिरा में उपयोगी एंटीऑक्सीडेंट होता है, जो आपके इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है और कैंसर से होने वाले खतरे को भी कम कर सकता है.