नई दिल्ली: एक सर्वेक्षण के अनुसार देश में कामकाजी महिलाओं का एक बड़ा हिस्सा वित्तीय सुरक्षा से वंचित है. जहां कामकाजी पुरुषों में 83 प्रतिशत के पास जीवन बीमा है वहीं कामकाजी महिलाओं में यह प्रतिशत महज 70 प्रतिशत है.

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मैक्स लाइफ इंश्योरेंस के सर्वेक्षण में कहा गया कि सावधि बीमा योजनाओं के मामले में भी महिलाएं पुरुषों की तुलना में पीछे हैं. मेट्रो शहरों में महज 19 प्रतिशत महिलाओं के पास इस तरह का बीमा है जबकि पुरुषों में यह प्रतिशत 22 है. रिपोर्ट में कहा गया कि महिलाओं की कुल आय का 42 प्रतिशत हिस्सा मूलभूत आवश्यकताओं पर खर्च हो जाता है जबकि पुरुष अपनी आय का 38 प्रतिशत ही मूलभूत आवश्यकताओं पर खर्च करते हैं. बचत तथा निवेश पर मेट्रो शहरों की कामकाजी महिलायें कम खर्च करती हैं.

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महिलाएं देश की आधी आबादी हैं
रिपोर्ट में बताया गया कि मेट्रो शहरों में कामकाजी महिलायें बच्चों की शिक्षा जैसी आवश्यकताओं के लिये अधिक बचत करती हैं. वृद्धावस्था सुरक्षा या असमय मौत की स्थिति के लिये कामकाजी महिलाओं का सिर्फ 33 प्रतिशत ही बचत करती हैं. मैक्स लाइफ इंश्योरेंस के प्रबंध निदेशक प्रशांत त्रिपाठी ने कहा कि महिलाएं देश की आधी आबादी हैं और ऐसे में उनकी वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद महत्वपूर्ण है.

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