नई दिल्ली: हर साल 29 सितंबर को विश्व हृदय दिवस के रूप में मनाया जाता है. इसे मनाने का मुख्य उद्देश्य लोगों को हृदय से जुड़ी बिमारियों से अवगत कराना और उनके समाधान निकालना है. आज विश्व हृदय दिवस के मौके पर हम आपको बताने जा रहे हैं कि हमारी रोजमर्रा की जिंदगी में बहुत सी ऐसी आदतें हैं जो हमारे दिल के लिए अच्छी नहीं होती. इन आदतों का हमारे दिल पर भी काफी बुरा असर पड़ता है. आइए जानते हैं इन आदतों के बारे में.

Smoking

1. स्मोकिंग- धूम्रपान करना स्वास्थ्य संबंधी बीमारियों के साथ ही हृदय रोग का भी कारण बन सकता है. सामान्य व्यक्तियों की तुलना में धूम्रपान करने वाले व्यक्तियों को दिल का दौरा पड़ने का अधिक खतरा रहता है. इससे आपके दिल को सबसे अधिक खतरा पहुंचता है.

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2. कम शारीरिक गतिविधियां- एक हेल्दी हार्ट के लिए जरूरी होता है कि आप दिन भर में 500 से 950 कैलोरी बर्न करें, जिसके लिए पर्याप्त शारीरिक गतिविधियों की आवश्यकता पड़ती है. यदि आप शारीरिक गतिविधि नहीं करते तो ऐसे में दिल का दौरा पड़ने का खतरा ज्यादा रहता है.

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3. कम नींद- बहुत से लोग देर रात तक जागते रहते हैं और सुबह जल्दी उठ जाते हैं. एक रिपोर्ट की माने तो पूरी नींद लेने वाले लोगों की आर्टरी ब्लॉक होने की आशंका काफी कम होती है. जबकि पूरी नींद ना लेने वालों की आर्टरी ब्लॉक होने की आशंका सबसे अधिक होती है. पूरी नींद ना लेने वाले लोगों में दिल की बीमारियां होने का सबसे ज्यादा खतरा होता है.

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4. नॉन वेज- आपको बता दें कि रेड मीट खाने में जितना टेस्टी होता है, हमारे दिल के लिए उतना ही नुकसानदेह होता है. इसमें सैचुरेटेड फैट की मात्रा काफी एधिक होती है. इसे ज्यादा खाने से हृदय रोग का खतरा बढ़ता है.

Junk food

Junk food

5. जंक फूड- फास्ट फूड में फैट और कैलोरीज की मात्रा बहुत अधिक होती है. इसमें ट्रांस फैट होता है, जो हार्ट डिसीज और केलोस्ट्रॉल को बढ़ाने का काम करता है. जंक भूड में अधिक मात्रा में सोडियम होने के कारण यह ब्लड प्रेशर बढ़ाने का कारण बनता है.

Women beat men in binge drinking

alcohol

6. शराब का सेवन – एक अध्ययन में कहा गया है कि शराब का मामूली सेवन भी दिल के लिए खतरनाक हो सकता है. इस शोध के मुताबिक शराब के सेवन से ऐसे मरीजों की हालत गंभीर हो सकती है, जिनमें तितिन नाम के जीन का खराब संस्करण होता है. हालांकि शराब के सेवन का हमारी सेहत पर कितना खराब असर होता है, यह साबित करने के लिए अब तक कई शोध हो चुके हैं.

इंपीरियल कॉलेज ऑफ लंदन के नेशनल हार्ट एंड लंग इंस्टीट्यूट में हुए ताजा अध्ययन में कहा गया है कि तितिन नाम का यह जीन हृदय की मांसपेशियों के लचीलेपन के लिए जिम्मेदार होता है. मगर इस जीन का गड़्बड़ संस्करण डाइलेटेड कार्डियोमायोपैथी (डीसीएम) की वजह हो सकता है. यह हार्ट फेल्यर का एक प्रकार है, जिसमें बायां वेंट्रिकल कमजोर हो जाता है, जिससे हृदय की खून पंप करने की क्षमता कमजोर हो जाती है.