दाल खाने के बाद फूलने लगता है पेट? एक्सपर्ट से जानें क्या है इसे खाने का बेस्ट टाइम

लगभग सभी भारतीय घरों में रोजाना दाल बनाई जाती है, इसे सेहत के लिहाज से अच्छा माना जाता है, हालांकि हम में से कई लोगों तो दाल खाने के बाद पेट फूलने की शिकायत होती है. ऐसे में आज हम आपको बताएंगे कि आखिर किस टाइम दाल खाना सही होता है

Published date india.com Published: February 10, 2026 3:26 PM IST
दाल खाने के बाद फूलने लगता है पेट? एक्सपर्ट से जानें क्या है इसे खाने का बेस्ट टाइम

Best time to eat pulses: भारतीय थाली में जब तक दाल चावल न हो तब तक ये थाली अधूरी मानी जाती है. दाल को सेहत के लिहाज से अच्छा माना जाता है, बच्चे हों या बड़े डॉक्टर्स हर किसी को दाल खाने की सलाह देते हैं. हम में से अधिकतर लोग रोज दाल खाना पसंद करते हैं. दाल में प्रोटीन, फाइबर और ढेर सारे पोषक तत्व होते हैं, जो शरीर के लिए बहुत अच्छे हैं.

दाल में कई पोषक तत्व होते हैं. ये सस्ती होने के साथ-साथ पेट भरने का काम भी करती है. दाल खाने में टेस्टी तो लगती है, लेकिन हम में से कई लोगों को दाल खाने के बाद पेट में गैस, ब्लोटिंग (पेट फूलना) या भारीपन महसूस होता है. इसलिए कुछ लोग दाल कम खाते हैं या फिर इसे खाना बिल्कुल छोड़ देते हैं. एक्सपर्ट की मानें तो दिक्कत दाल में नहीं है. ये इस बात पर डिपेंड करता है कि दाल कब और कैसे खाई जाए? आप दाल किस समय खा रहे हैं ये बहुत मायने रखता है.

दाल खाने का सही समय क्यों है जरूरी-

सेलिब्रिटी डायटीशियन और वेलनेस कोच सिमरत कठूरिया ने इस बात का जवाब सोशल मीडिया पर दिया है. सिमरत कठूरिया ने बताया कि दाल को पचाने की क्षमता दिन के समय पर ज्यादा निर्भर करती है, न कि दाल पर. हमारे शरीर की पाचन शक्ति दिन में सबसे ज्यादा मजबूत होती है, खासकर दोपहर में लगभग 10 बजे से 3 बजे तक. इसलिए दोपहर में दाल खाना सबसे अच्छा माना जाता है. शरीर दिन में कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट और प्लांट प्रोटीन को आसानी से पचा लेता है, जिसके चलते गैस, ब्लोटिंग या भारीपन का खतरा नहीं होता है. यहीं वजह है कि पुराने समय में दाल हमेशा दोपहर में समय में खाई जाती थी. रात में इसे खाने से बचते थे.

रात में दाल क्यों भारी लगती है?

अब सवाल उठता है कि आखिर दाल को रात में खाने से ये भारी क्यों लगने लगती है? दरअसल में इसके पीछे भी साइंस है. जैसे-जैसे दिन ढलता है हमारे शरीर की पाचन गति धीमी हो जाती है, ऐसे में शाम या रात में फाइबर और प्रोटीन से भरपूर दाल (जैसे राजमा, छोले या साबुत दाल) खाने से पेट पर दबाव पड़ता है. हालांकि फिर भी अगर आपका मन कर रहा है तो रात में हमेशा हल्की दाल जैसे मूंग या मसूर की दाल खाएं. हालांकि ध्यान रखे कि सोने से कम से कम 2-3 घंटे पहले दा खाएं और वो भी कम मात्रा में.

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सुबह दाल खाना सही या नहीं?

अब ये भी जान लें कि क्या सुबह के समय दाल खाना सही है या नहीं? वैसे तो आप चाहें तो दाल खा सकते हैं, लेकिन ज्यादातर लोगों के लिए सुबह भारी दालों का सेवन जैसे राजमा, छोले खाना सही नहीं है. सुबह- सुबह पेट को इतना भारी खाना देना पेट पर बोझ को बढ़ा सकता है, लेकिन हल्की चीजें जैसे मूंग दाल का चीला या अंकुरित दालें (स्प्राउट्स) सुबह के समय खाना बेस्ट है. हर व्यक्ति का पेट अलग अलग होता है अगर आपको एसिडिटी, ब्लोटिंग की समस्या होती है तो अपने शरीर की सुनें.

दाल अच्छे से पचे इसके लिए दाल को सही से बनाना भी जरूरी है. विशेषज्ञ की मानें तो आप दाल कैसे बना रहे हैं ये भी बहुत जरूरी है. इसके लिए साबुत दाल को बनाने से पहले कम से कम 6-8 घंटे भिगोएं. इससे फाइटिक एसिड जैसे एंटी-न्यूट्रिएंट्स कम हो जाते हैं और दाल आसानी से पचती है. दाल को अच्छे से पकाएं, इससे दाल नरम हो जाती है और पचने में आसान. आप रोजाना एक सर्विंग (एक कटोरी) दाल, 1-2 रोटी या थोड़ा चावल, सब्जी या सलाद के साथ खा सकते हैं.

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