विश्व नदी दिवस (World River Day) 27 सितंबर रविवार को मनाया जा रहा है. नदी के आस पास जो हवा होता है और जो प्राकृतिक होता है और बेहद खास होता है. प्राकृतिक रुप से बहुत सारे जीव और बाकि चीजें नदियों र निर्भर रहती हैं. पिछले कुछ सालों से पर्यावरण में बहुत बदलाव आए हैं जिस वजह से नदियों का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है और लगातार बढ़ते प्रदूषण की वजह से नदियां भी खतरे में पड़ गई है. न केवल नदियों का पानी खराब हो रहा है बल्कि उसमें रहने वाले जीव भी परेशान हो रहे हैं.

भारत में नदियों को पूजा जाता है, सबको जीवन देने वाली नदियों का अस्तित्व खुद खतरें में हैं. भारत में गंगा और यमुना जैसी नदियों का हाल कुछ ऐसा है की उनके पानी से किसी को बीमारी तक हो सकीत है. ऐसे में नदियों का सरंक्षण करना बेहद जरुरी है. दरअस हर साल सितंबर के आखिरी सप्ताह में रविवार को विश्व नदी दिवस मनाया जाता है. जानते हैं कि क्यों मनाया जाता है विश्व नदी दिवस क्या है इसका महत्व

क्यों मनाया जाता है नदी दिवस
भारत समेत विश्व के कई सारे देशों में विश्व नदी दिवस मनाया जाता है औऱ इसकी शुरूआत साल 2005 में हुई थी. दरअसल इसलिए ये मनाया जाता है कियोंकि इसी दिन नदियों की रक्षा के संकल्प को लेकर की गई थी. भारत सेत दुनियाभर में इसे मनाया जाता है. भारत समेत दुनिया के कई सारी जगहों पर इसे मनाया जाता है जैसे अमेरिका, पोलैंड, दक्षिण अफ्रिका, ऑस्ट्रेलिया, मलेशिया, बांग्लादेश कनाडा और ब्रिटेन आदि देशों में विश्व नदी दिवस पर नदियों की रक्षा के लिए कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है.

विश्व नदीं का दिवस
केवल भारत में ही नहीं बल्कि दुनियाभर में लगातार प्रदूषण भर रहा है और साथ ही नदियां गंदी हो रही है ऐसे में लोगों को अपनी नदियों का ख्याल रखना चाहिए. प्रदूषण की वजह से जलवायु में भी बदलाव आए हैं और यही वजह है जो नदियां सिकुड़ जाती है, जिस वजह से विश्व नदी दिवस पर कई देश लाखों लोग और कई अंतर्राष्ट्रीय संगठन नदियों के बचाव के लिए अपना योगदान करते हैं.

60 देशों में होता है इसका आयोजन
विश्व नदी दिवस पर लोग नदियों के बारे में बात करते हैं औऱ दुनिया भर के कम से कम 60 देशों में विश्व नहीं दिवस पर आयोजन किए जाते हैं जिससे लोग हिस्सा लेते हैं. इसके साथ ही नदियों की सफाई करने से लेकर रिवर राफ्टिंग जैसे कार्यक्रम होते हैं. इस बार की विश्व नदी दिवस की थीम “Day of Action for Rivers” रखी गई है.